गोकुल के मुरलीधर घाट पर खेलेंगे कन्हैया 26 को छड़ीमार होली

गोकुल के मुरलीधर घाट पर खेलेंगे कन्हैया 26 को छड़ीमार होली
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मथुरा, 24 मार्च (हि.स.)। योगीराज श्रीकृष्ण कन्हैया की नगरी गोकुल में 26 मार्च को छड़ी मार होली का आयोजन किया जाएगा। जहां कृष्ण कन्हैया गोपियों के साथ प्राचीन मुरलीधर घाट पर होली खेलेंगे। इस होली को भव्य बनाने के लिए उप्र. ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने तैयारियां पूरी कर ली है। मन्दिर प्रबन्धक गिरधारी लाल भाटिया ने बुधवार को बताया कि होली के लिए व्यापक इंतजाम किये जा रहे हैं। उधर गोकुल नगर पंचायत के चैयरमेन संजय दीक्षित के नेतृत्व में सफाई प्रकाश पेयजल ठीक रखने की योजना बनाई गई है। शुक्रवार की प्रातः होली शुरू होकर शाम करीब 4 बजे तक होगी। गोकुल में भगवान कन्हैया को बालकिशन रूप में वासुदेव जी लाए थे और भगवान कन्हैया का यहां बाल रूप है इसलिए गोकुल में प्राचीन होली भगवान कन्हैया के साथ में बाल रूप में ही खेली जाती है। यहां गोकुल में भगवान कन्हैया के छोटे स्वरूप को देखकर बृज की गोपियां उनके साथ में छोटी-छोटी छड़ियों से होली खेलती हैं। यहां टेसू के फूल से रंग बनाए जाते हैं। कम से कम 20 कुंतल गुलाल तथा 05 कुंतल टेसू के फूल का रंग सभी तीर्थ यात्रियों पर बृज की गोप गोपियों पर लुटाया जाता है। मान्यता के अनुसार मुरलीधर घाट पर सबसे पहले बजाई थी कन्हैया ने मुरली गोकुल की प्राचीन होली जो कि 5,500 वर्षों से ज्यादा पुरानी है, तब भगवान कन्हैया ने मुरलीधर घाट पर सबसे पहले मुरली बजाई थी। यहां छड़ीमार होली मनायी जाती है। योगी सरकार के द्वारा यहां प्राचीन होली चबूतरे का निर्माण कराया गया है। इस होली चबूतरे पर बीते वर्ष भी धूमधाम से होली का आयोजन किया गया था। मुरलीधर घाट भगवान कन्हैया का प्राचीन घाट है। यहां सबसे पहले भगवान कन्हैया ने गोपियों के साथ में होली खेली थी। मान्यता है कि इसी घाट पर साक्षात भगवान कन्हैया होली के दिन अपनी गोपियों के साथ में होली खेलते हैं। गोकुल का नंदकिला मंदिर का प्रबंधन जिला जज के द्वारा चलाया जाता है। हिन्दुस्थान समाचार/महेश/संजय

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