कोर्ट ने सिविल जज गाजीपुर से मांगी रिपोर्ट
कोर्ट ने सिविल जज गाजीपुर से मांगी रिपोर्ट
उत्तर-प्रदेश

कोर्ट ने सिविल जज गाजीपुर से मांगी रिपोर्ट

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प्रयागराज, 31 जुलाई (हि.स.)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सिविल जज जूनियर डिवीजन मुहम्मदाबाद गाजीपुर से पूंछा है कि भोला बनाम सतीराम के बीच विवाद का फैसला आने के 31 साल बाद भी निष्पादन प्रक्रिया कोर्ट में आज भी लंबित है। समाप्त क्यां नहीं हो सकी। कोर्ट ने 20 अगस्त तक सिविल जज से रिपोर्ट मांगी है। यह आदेश न्यायमूर्ति जे जे मुनीर ने राम नारायण सिंह यादव की याचिका पर दिया है। याचिका पर अधिवक्ता एच.एल पांडेय ने बहस की। याची अधिवक्ता का कहना है कि भोला और सतीराम के बीच मुकदमे का फैसला 28 नवम्बर 1981 को हो गया। ग्राम गंगौली के याची के मकान कब्जे में विपक्षी सतीराम को हस्तक्षेप करने पर रोक लगा दी गयी। अपील भी 1988 में खारिज हो गयी। हाईकोर्ट ने 1989 में द्वितीय अपील भी खारिज कर दी। याची ने डिग्री के अनुपालन के लिए इजरा वाद दायर किया। डिग्री का निष्पादन न हो पाने और लंबे समय तक लटकाये रखने के खिलाफ यह याचिका दाखिल की गयी है। हिन्दुस्थान समाचार/आर.एन/संजय-hindusthansamachar.in