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उत्तर-प्रदेश

बच्चों को टीबी से बचाव में सहायक है आईपीटी, वजन कम होना हो सकते हंै लक्षण

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- 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में नहीं बनता है बलगम झांसी, 23 फरवरी (हि.स.)। बच्चों का अपनी उम्र के हिसाब से कम बढ़ना या वजन में कमी होना टीबी के लक्षण हो सकते है। अगर बच्चों की भूख, वजन में कमी, दो सप्ताह से अधिक खांसी, बुखार और रात के समय पसीना आने जैसी समस्या हो रही है। तो इन्हे अनदेखा न करें, ये टीबी की निशानी हो सकती है। वर्तमान में जनपद में 37 बच्चे टीबी से ग्रसित है। टीबी एवं चेस्ट विभाग के विभागाध्यक्ष डा. मधुर्मय शास्त्री ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि टीबी एक संक्रामक रोग है, जो फेफड़ों की टीबी से संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से फैलता है। जब संक्रमित व्यक्ति खांसता या छींकता है तो जीवाणु हवा में फैल जाते है, संक्रमित हवा में साँस लेने से बच्चों में टीबी से संक्रमित होने का खतरा अधिक होता है। क्योंकि बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम कम होती है। डा. मधुर्मय शास्त्री ने टीबी के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अधिकतर बच्चा अपने ही परिवार के किसी संक्रमित बड़े के संपर्क में आकर टीबी से संक्रमित हो जाता है, तो ऐसे में उसे एंटी टीबी ट्रीटमेंट दिया जाता है। जबकि यदि कोई 6 साल से कम उम्र का बच्चा टीबी मरीज के संपर्क में आता है तो उसे टीबी से बचाव के लिए आई.पी.टी (आइसोनियाजिड प्रिवेंटिव थेरेपी) दी जाती है। जिसमें उसे 6 माह तक सुबह शाम आईएनएच की टेबलेट दी जाती है। वह बताते है कि 12 साल से कम उम्र के बच्चों में बलगम नहीं बनता है। इस कारण बच्चों में टीबी का पता लगाना मुश्किल होता है। बच्चे की हिस्ट्री और कांटैक्ट ट्रेसिंग के अनुसार ही उसका पेट से सैंपल (गैस्ट्रिक लवाज) जांच के आधार पर ही टीबी का पता लगाया जाता है। ऐसे दी जाती है दवा डा. मधुर्मय शास्त्री ने बताया की आई.पी.टी की दवा जिम्मेदार व्यक्ति की देख-रेख में 6 महीने दिन में 2 बार ली जाती है। जो बच्चे आई.पी.टी की दवा ले रहे है, तो उनके परिवार वाले ध्यान रखें कि वह समय-समय पर पौष्टिक आहार और समय पर व्यायाम करते रहे। इन बच्चों में रहती है टीबी की सर्वाधिक संभावना जो बच्चे कुपोषण, कैंसर, डायबिटीज, एच.आई.वी. या अन्य प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित करने वाले रोगों से ग्रसित होते है उनमें टीबी से संक्रमित होने की संभावना सबसे अधिक होती है। इसके अलावा जिन बच्चों की माताएँ गर्भावस्था के दौरान टीबी से ग्रसित थी, जिसने किसी टीबी ग्रसित व्यक्ति के साथ समय बिताया हो आदि। हिन्दुस्थान समाचार/महेश

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