मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण कानून के तहत दर्ज मामले की निष्पक्ष विवेचना का निर्देश

मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण कानून के तहत दर्ज मामले की निष्पक्ष विवेचना का निर्देश
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प्रयागराज, 04 मई (हि.स.)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) कानून 2018 के तहत दर्ज एफआईआर की उचित व निष्पक्ष विवेचना दो माह में पूरी करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने पुलिस अधीक्षक शाहजहांपुर को मिर्जापुर थाने में दर्ज प्राथमिकी की निगरानी करने का निर्देश दिया है और थाना प्रभारी मिर्जापुर को दो माह में साक्ष्यों के आधार पर विवेचना पूरी करने का आदेश दिया है। याची का कहना था कि 20 जून 20 को मारपीट, गाली-गलौज व दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराया है। किन्तु पुलिस ने अभी तक कुछ भी नही किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर तथा न्यायमूर्ति राजीव मिश्र की खंडपीठ ने नगमा की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। हिन्दुस्थान समाचार/आर.एन