मुख्यमंत्री योगी के निर्देश, किसी जिले में कोविड बेड व ऑक्सीजन की न होने पाये कमी

मुख्यमंत्री योगी के निर्देश, किसी जिले में कोविड बेड व ऑक्सीजन की न होने पाये कमी
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-लखनऊ में बढ़े 840 अतिरिक्त बेड, मुख्यमंत्री ने और बेड बढ़ाने के दिये निर्देश -अन्य राज्यों से लोगों के सम्भावित आगमन को लेकर प्रदेश भर में बनेंगे क्वारंटीन सेण्टर लखनऊ, 14 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को सख्त निर्देश दिया कि राज्य के सभी जनपदों में कोविड बेड तथा ऑक्सीजन की कोई कमी न होने पाये। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि हर जिले में कोविड बेड, दवाओं, मेडिकल उपकरणों तथा बैकअप सहित ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता हमेशा बनी रहे। योगी ने ‘टेस्ट, ट्रेस, ट्रीट’ के संकल्प के साथ कोविड-19 के नियंत्रण अभियान को पूरी गति से जारी रखने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री आज वर्चुअल माध्यम से आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जनपद लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर नगर, गोरखपुर, झांसी सहित कोरोना के अधिक ऐक्टिव केस की संख्या वाले सभी जनपदों में पर्याप्त बेड्स सुनिश्चित कराएं। इसमें आइसोलेशन बेड्स तथा आईसीयू बेड्स यानि दोनों श्रेणी के बेड्स की पूरी व्यवस्था हो। किडनी रोग से ग्रसित कोरोना मरीजों के उपचार के लिए कोविड अस्पताल में डायलिसिस मशीनों का प्रबन्ध किया जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव कार्यालय, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य तथा प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा इस व्यवस्था की नियमित माॅनिटरिंग करें। योगी ने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक जनपद के कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन की अनवरत उपलब्धता बनी रहे। जिन अस्पतालों में सिलेण्डर के माध्यम से मरीजों को ऑक्सीजन देने की व्यवस्था है, वहां ऑक्सीजन सिलेण्डरों को तत्काल रिप्लेस करने की व्यवस्था रहे। उन्होंने अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य तथा प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा को इसके लिए नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिये। लखनऊ में 840 अतिरिक्त बेड की हुई व्यवस्था मुख्यमंत्री ने बताया कि लखनऊ में कोविड मरीजों के लिए 840 अतिरिक्त बेड की व्यवस्था हो गयी है। उन्होंने बेड की संख्या में और बढ़ोत्तरी के निर्देश दिये। कहा कि जिन निजी मेडिकल काॅलेजों को कोविड चिकित्सालय के तौर पर संचालित किया जा रहा है, वहां अतिरिक्त चिकित्साकर्मियों एवं मेडिकल संसाधन की व्यवस्था प्राथमिकता पर की जाए। उन्होंने जिला प्रशासन तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम भेजकर इन संस्थानों को कोरोना मरीजों के उपचार के लिए पूरी क्षमता के साथ क्रियाशील करने के निर्देश दिये। अहमदाबाद से मंगाया जा रहा रेमडेसिविर इंजेक्शन बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि राज्य सरकार प्रदेश की जनता के बेहतर स्वास्थ्य के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। प्रदेश में रेमडेसिविर इंजेक्शन की 25 हजार डोज की त्वरित उपलब्धता के लिए राज्य सरकार ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को स्टेट प्लेन से अहमदाबाद भेजा है। यह दवा आज ही लखनऊ पहुंच जाएगी। उन्होंने निर्देश दिये कि प्रत्येक जनपद में पर्याप्त मात्रा में इस दवा की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। टेस्टिंग कार्य को पूरी क्षमता के साथ संचालित करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि कोरोना टेस्टिंग का कार्य पूरी क्षमता के साथ संचालित किया जाए। प्रदेश स्थित केन्द्रीय संस्थानों की प्रयोगशालाओं में उपलब्ध आरटीपीसीआर क्षमता का उपयोग करते हुए आरटीपीसीआर टेस्ट की संख्या बढ़ायी जाए। इन संस्थानों की आवश्यकताओं के अनुरूप मैनपावर का भी प्रबन्ध किया जाए। उन्होंने कोविड जांच के लिए ट्रूनेट मशीनों का उपयोग तत्काल प्रारम्भ करने के निर्देश भी दिये। आइसोलेशन में रह रहे मरीजों से करें नियमित संवाद उन्होंने कहा कि होम आइसोलेशन में रह रहे कोरोना मरीजों से नियमित संवाद बनाकर उनके स्वास्थ्य की स्थिति की जानकारी प्राप्त की जाए और आवश्यकतानुसार उनका मार्गदर्शन किया जाए। इस कार्य में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-‘1076’ का भी उपयोग किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि लखनऊ सहित समस्त जनपदों में होम आइसोलेशन के कोविड मरीजों को सभी निर्धारित दवाओं के मेडिकल किट की सुचारु आपूर्ति होती रहे। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री तथा अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य को इस व्यवस्था को चेक करने के निर्देश भी दिये। मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि जनपदों में स्थापित इण्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कण्ट्रोल सेण्टर सुचारु ढंग से कार्यशील रहें। साथ ही राज्य के हर जिले में युद्धस्तर पर स्वच्छता, सैनिटाइजेशन तथा फाॅगिंग का कार्य किया जाए। प्रदेश में अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में लोगों के सम्भावित आगमन को देखते हुए प्रत्येक जनपद में क्वारंटीन सेण्टर स्थापित किये जाएं। क्वारंटीन सेण्टर में स्क्रीनिंग तथा टेस्टिंग के साथ-साथ लोगों के रहने व भोजन की व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने कण्टेनमेंट जोन के प्राविधानों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिये। कोविड-19 से बचाव के बारे में उन्होंने लोगों को निरन्तर जागरूक करने को भी कहा। इसके लिये पब्लिक एड्रेस सिस्टम के प्रयोग पर बल दिया। प्रदेश के सरकारी एवं निजी कार्यालयों तथा औद्योगिक प्रतिष्ठानों में कोविड हेल्प डेस्क को प्रभावी ढंग से संचालित किये जाने का भी निर्देश दिया। बैठक में चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना, स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह एवं वरिष्ठ अधिकारीगण वर्चुअल माध्यम से सम्मिलित हुए। हिन्दुस्थान समाचार/ पीएन द्विवेदी