कोरोना संकट काल में हैदराबाद जिला व सत्र न्यायालय में नायाब प्रयोग
कोरोना संकट काल में हैदराबाद जिला व सत्र न्यायालय में नायाब प्रयोग
उत्तर-प्रदेश

कोरोना संकट काल में हैदराबाद जिला व सत्र न्यायालय में नायाब प्रयोग

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- व्हाट्सअप वीडियो काल और भेजे गए वेब लिंक के जरिये हो रही सुनवाई, फैसले भी - बनारस में भी वेबिनार के माध्यम से अधिवक्ताओं को बताया जायेगा, वीडियो कान्फ्रेसिंग से कैसे होगी बहस वाराणसी, 24 जुलाई (हि.स.)। कोरोना संकट काल में पूरा देश अस्त व्यस्त है, न्याय का पहिया जाम है, सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय वीडियो कान्फ्रेंसिंग से न्यायालय चलाने का प्रयास कर रही है, प्रयागराज में जहां अधिवक्ता इसका विरोध कर रहे हैं। वहीं, वादकारियों और अधिवक्ताओं को संक्रमण से बचाने के लिए हैदराबाद में व्हाट्सअप वीडियो काल और भेजे गए वेब लिंक के जरिये भी सुनवाई हो रही है। न्यायालय में फैसला भी हो रहा है। हैदराबाद जिला व सत्र न्यायालय में यह नायाब प्रयोग हो रहा है। वहां व्हाट्स अप वीडियो काल पर न सिर्फ दोनों पक्षों को सुना जा रहा है बल्कि धड़ाधड़ आदेश भी पारित हो रहे हैं। शुक्रवार शाम ये जानकारी वाराणसी के मूल निवासी और सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता अंजनी कुमार सिंह ने दी। मुम्बई में रह रहे अधिवक्ता अंजनी सर्वोच्च न्यायालय और देश के सभी उच्च न्यायालयों में एपियर होते रहते हैं। उन्होंने बताया कि हैदराबाद की एक पार्टी ने उन्हें एक मुकदमें में वकील रखा। मैंने केस की तैयारी की और ई-मेल से सारे पेपर भेज दिये और वीडियो कान्फ्रेसिंग के जरिये बहस के लिये तैयार था। मैं वेब लिंक का इंतजार कर रहा था तो मेरे हैदराबाद के वकील ने बताया कि आपको वीडियो काल पर बहस करना है, मैं आश्चर्य में पड़ गया। 13 जुलाई को ठीक 3.30 बजे मुझे कोर्ट स्टेनों का वीडियो काल आया,उसने मुझे अदालत से और विपक्षी के अधिवक्ता से जोड़ दिया। आधे घंटे तक अदालत ने दोनों पक्षों को सुना और उसी वक्त दस मिनट में दो पेज का आदेश पारित कर दिया। मेरे मुवक्किल के पक्ष मे स्टे कर दिया। उन्होंने बताया कि मजेदार बात यह रही कि मैं मुम्बई में था। जज, स्टेनो और विपक्षी के वकील हैदराबाद में थे। सभी अलग-अलग जगहों पर थे,स्टेनों जब टाईप कर रहा था तो उसने अपने मोबाइल को ऐसे रखा हुआ था कि स्क्रिन पर पुरा आर्डर जो टाईप हो रहा था मेरे और विपक्षी के वकील को दिख रहा था। उन्होंने कहा कि देश के निचली अदालतों के अधिवक्ताओं और अदालतों के लिये हैदराबाद से यह एक संदेश है कि यदि आप काम करना चाहो तो व्हाट्स अप वीडियो काल पर भी सुनवाई हो सकती है। हैदराबाद इसका मॉडल है,उदाहरण है। इस संबंध में बनारस बार एसोसियेशन के पूर्व महामंत्री अधिवक्ता नित्यानंद राय ने बताया कि वाराणसी में शनिवार को वेबिनार के माध्यम से एडीजे प्रथम पी. के. सिंह अधिवक्ताओं को प्रशिक्षण देंगे। अधिवक्ताओं को बतायेंगे कि ई फाईलिंग और वीडियो कान्फ्रेसिंग से कैसे बहस करना है, कैसे ई-फीस जमा करना है। नित्यानंद राय ने बताया कि आज प्रयागराज में अधिवक्ताओं ने जुलूस निकालकर वर्चुअल कोर्ट का विरोध किया और सामान्य तरीके से अदालत चलाने की मांग की है। हिन्दुस्थान समाचार/श्रीधर/राजेश-hindusthansamachar.in