हिन्दुस्तानी एकेडमी ने स्थापना दिवस पर ग्यारह विद्वतों को किया सम्मानित

हिन्दुस्तानी एकेडमी ने स्थापना दिवस पर ग्यारह विद्वतों को किया सम्मानित
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प्रयागराज, 24 मार्च (हि.स.)। हिन्दुस्तानी एकेडमी प्रयागराज के 94वां स्थापना दिवस एवं विद्वत् सम्मान समारोह बुधवार को गांधी सभागार में आयोजित किया गया। जिसमें कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह एवं एकेडेमी अध्यक्ष डॉ. उदय प्रताप सिंह ने 11 विद्वत् विभूतियों को सम्मानित किया। सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि मुझे इन 11 विद्वानों का आज दर्शन एवं सम्मान करने का सौभाग्य मिला। मेरे नाना लालबहादुर शास्त्री हैं। उन्हें फटे जूते में चिप्पी लगाकर पहनने में कोई संकोच नहीं था। यह उनकी ईमानदारी को दर्शाता है। इस संस्था से महान हस्तियों का जुड़ाव रहा है। इस पवित्र स्थल से पंत, महादेवी अकबर इलाहाबादी, निराला जैसे कई विद्वान जुड़े रहे। अध्यक्षता कर रहे डॉ.उदय प्रताप सिंह ने कहा हिन्दुस्तानी एकेडेमी हिन्दी, उर्दू, अवधी बुन्देली ब्रजभाषा के विकास एवं संरक्षण के लिये निरंतर प्रयासरत है। इसे हम एक मानक संस्था के रूप में बनाना चाहते हैं। एकेडेमी प्रतिवर्ष 11 विद्वानों का सम्मान करती हैं। इस वर्ष पूरे देश भर के विद्वानों में से 11 विद्वानों को सम्मानित किया जा रहा है। इस अवसर पर 11 विद्वत् विभूतियों देवेन्द्र दीपक, डॉ.कमलेश दत्त त्रिपाठी, डॉ.लक्ष्मीशंकर गुप्त, डॉ.कन्हैया सिंह, डॉ.त्रिभुवन नाथ शुक्ल, डॉ.अमलधारी सिंह, डॉ.कामेश्वर उपाध्याय, गुलाब सिंह, डॉ.जितेन्द्र कुमार सिंह ‘संजय’ को स्मृति चिन्ह, शाल एवं माला पहनाकर सम्मानित किया। हिन्दुस्तानी एकेडेमी के पूर्व कोषाध्यक्ष रविनंदन सिंह ने कहा कि हिन्दुस्तानी एकेडेमी की स्थापना महान विभूतियों ने की थी। आज हिन्दुस्तानी एकेडेमी का रथ लेकर डॉ.उदय प्रताप सिंह ने पूरे प्रदेश को नापा है। सम्मान समारोह के पश्चात सुप्रसिद्ध लोकगायक मनोज गुप्ता एवं उनकी टीम द्वारा सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। अतिथियों का धन्यवाद एकेडेमी कोषाध्यक्ष पायल सिंह ने किया। कहा कि आज से 94 वर्ष पहले 29 मार्च 1927 को हिन्दुस्तानी एकेडेमी अपने जिन उद्देश्यों को लेकर स्थापित हुई, उनका संवर्धन एवं विकास आज भी एकेडेमी की प्राथमिकताओं मे है। एकेडेमी के संस्थापकों ने जो स्वप्न देखे उनको पूर्ण करने का दायित्व हमारा संकल्प है। संचालन डॉ. विनम्रसेन सिंह ने किया। इस दौरान प्रमुख रूप से रामनरेश तिवारी पिण्डीवासा, डॉ.करूणेश, कैलाश नाथ पाण्डेय, श्रवण कुमार दुबे, जयकृष्ण राय ‘तुषार’, पी.के सिंह, वीरेन्द्र तिवारी, डॉ.अनिल सिंह, डॉ.पूर्णिमा मालवीय, जय प्रकाश शर्मा ‘प्रकाश’, डॉ. एम.एस खान, डॉ.स्नेहा सुधा, डॉ.निलिमा मिश्रा, ललिता पाठक ‘नारायणी’ मौजूद रहे। हिन्दुस्थान समाचार/विद्या कान्त

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