भरत मिलाप मैदान के शिलापट्ट में लिखे मानस चौपाई के पास गंदगी से खफा हिन्दू संगठन

भरत मिलाप मैदान के शिलापट्ट में लिखे मानस चौपाई के पास गंदगी से खफा हिन्दू संगठन
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-सफाई के लिए जिलाधिकारी के प्रतिनिधि को सौंपा ज्ञापन, जताया विरोध वाराणसी, 24 मार्च (हि.स.)। नाटी इमली के विश्व प्रसिद्ध भरत मिलाप मैदान के किनारे लगी शिलापट्ट में लिखी रामचरितमानस की चौपाईयों के पास गंदगी देख हिन्दूवादी संगठनों ने नाराजगी जताई है। बुधवार को हिन्दू जनजागृति समिति के पदाधिकारियों के प्रतिनिधि मंडल ने जिलाधिकारी के प्रतिनिधि अफसर को ज्ञापन सौंप गंदगी को साफ करने की मांग की। प्रतिनिधि मंडल में शामिल समिति के विश्वनाथ कुलकर्णी और राजन केशरी ने बताया कि भरत मिलाप मैदान के पास लगी शिलापट्ट सड़क के नजदीक है। इस कारण शिलापट्ट पर जानवरों के मल-मूत्र के छींटे, पान की पीकें, सड़क की धूल एवं अन्य गंदगी निरंतर जमी रहती है। विडंबना ये है कि जिस मैदान में प्रसिद्ध भरत मिलाप एवं रामलीला का मंचन होता है। उसी स्थान पर प्रभु श्रीराम की चौपाइयों का घोर अनादर हो रहा है। मैदान में वर्ष में 6 से 7 बार व्यापारी मेला का आयोजन होता है। उस समय लोगों की भीड़ अधिक होने के कारण इस स्थान पर अत्यधिक गंदगी होती है। पवित्र रामचरित मानस हमारी ‘सांस्कृतिक धरोहर’ है। यह जीवन के विविध आयामों की विवेचना कर हमें सही मार्ग पर चलने की दिशा प्रदान करती है एवं धर्माचरण करने की प्रेरणा देती है। ऐसे में इस शिलापट्ट को उक्त स्थान से शीघ्रातिशीघ्र हटाकर किसी पवित्र स्थल पर लगाने की मांग जिला प्रशासन से की गई है। प्रतिनिधि मंडल में राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं न्याय परिषद के महासचिव अधिवक्ता अरूण कुमार मौर्य, अधिवक्ता विकास सेठ, राहुल सिंह, शशिकांत मालवीय आदि शामिल रहे। हिन्दुस्थान समाचार/श्रीधर

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