मतान्तरण कानून के खिलाफ याचिका की सुनवाई छह अप्रैल को

मतान्तरण कानून के खिलाफ याचिका की सुनवाई छह अप्रैल को
hearing-of-the-petition-against-the-conversion-act-on-april-6

प्रयागराज, 24 मार्च (हि.स.)। कानून बन जाने के बाद याची ने याचिका संशोधित कर नये कानून को भी चुनौती दी है। इसके पहले सरकार द्वारा जारी मतान्तरण पर रोक के अध्यादेश को चुनौती दी गई थी। याचिका मे अंतर्हस्तक्षेपी अर्जी देने वाली शोभना स्मृति ने अपनी अर्जी वापस ले ली है। कोर्ट ने उनकी अर्जी खारिज करते हुए नई याचिका दाखिल करने की छूट दी है। नये मतान्तरण कानून की वैधता की चुनौती संशोधन अर्जी पत्रावली पर न होने के कारण याचिका की आज बुधवार को सुनवाई नहीं हो सकी। कोर्ट ने महानिबंधक कार्यालय को संशोधन अर्जी को याचिका की पत्रावली के साथ पेश करने का निर्देश दिया है। यह आदेश इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर तथा न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा की खंडपीठ ने सौरभ कुमार की जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने कोर्ट को बताया कि मतान्तरण विरोधी कानून को राज्यपाल ने मंजूरी दे दी है। इसलिए याचिका अर्थहीन हो चुकी है। याची का कहना था कि उसने संशोधन अर्जी दाखिल की है। जिसमें कानून की वैधता को चुनौती दी गयी है। सुनवाई 6 अप्रैल को होगी। हिन्दुस्थान समाचार/आर.एन

अन्य खबरें

No stories found.