gorakhpur-5456-cases-of-khaini-in-brd-247-smack-cases
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उत्तर-प्रदेश

गोरखपुर : बीआरडी में आये खैनी के 5456, स्मैक के 247 मामले

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गोरखपुर, 11 फरवरी (हि.स.)। पूर्वांचल में नशेड़ियों की संख्या बहुत अधिक है। यहां हर गांव नशा की आगोश में है। इसकी तस्दीक बाबा राघवदास मेडिकल कालेज (बीआरडी) के नशा उन्मूलन विभाग में की जा सकती है। आंकड़े बता रहे हैं कि पिछले एक साल में खैनी के सर्वाधिक 5456 मामले आये हैं तो वहीं सबसे कम मामले भांग के 43 दर्ज किए गए हैं। हालांकि यहां इलाज के लिए आने वाले मरीजों की संख्या ही दर्ज की गई है। नशा करने वाले परिवार अपने नशेड़ी सदस्यों से काफी परेशान हैं। इस वजह से वे मेडिकल कालेज का रुख कर रहे हैं। यहां वे नशा करने वाले अपने पारिवारिक सदस्य को इससे मुक्ति दिलाने का प्रयास कर रहे हैं। आंकड़े बता रहे हैं कि खैनी खाने वालों की नशा की लत छुड़ाने के लिए पिछले वर्ष में 5456 मरीजों का रजिस्ट्रेशन कराया जा चुका है। दूसरे नम्बर पर पान-मसाला गुटखा से संबंधित 3546 मामले दर्ज हैं। शराब पीकर घर और समाज मे हो-हल्ला करने वालों की संख्या भी कम नहीं है। 2543 मामलों के साथ ये तीसरे नम्बर हैं। इतना ही नहीं खतरनाक नशा में गिने जाने वाले स्मैक से संबंधित 247 मामले भी हैं। इन परिवारों के सदस्य भी इनकी आदत छुड़ाने की कोशिश में हैं। ऐसे ही गांजा से संबंधित 127 और भांग से संबंधित 43 मामले आये हैं, जिनका इलाज चल रहा है। अब तक यह थी व्यवस्था बीआरडी में अभी चिकित्सक केवल मरीजों को देखते थे। दवाएं लिखते थे। उन्हें निःशुल्क दवाएं भी मिलती थीं। लेकिन अब ऐसे मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जाएगा। इलाज के दौरान उन्हें पूरी तरह से नशे से बचाया जाएगा। अस्पताल संचालित होगा। स्वास्थ्यकर्मियों की संख्या बढ़ाई जाएगी। काउंसलर भी रखे जाएंगे। सीसी कैमरे के साथ ही वार्ड में गार्ड की ड्यूटी लगाई जाएगी। मिलेगी ये सुविधाएं - मेडिकल कालेज में काउंसलर, डाक्टर, वार्ड ब्वाय, सिक्योरिटी गार्ड की व्यवस्था होगी। - मरीजों पर नजर रखने के लिए सीसी कैमरा भी लगाया जाएगा। - सभी मरीजों को निःशुल्क भोजन व दवाएं मिलेंगी। बोले प्राचार्य इस संबंध में बीआरडी के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार का कहना है कि मरीजों को सिर्फ दवा देकर उन्हें घर भेज देने से नशे की गिरफ्त से वे नहीं छूट पाते हैं। इसलिए यहां 30 बेड का अस्पताल खोलने का प्रयास किया गया। इसके लिए शासन से 33 लाख रुपये मिल चुके हैं। शीघ्र ही केंद्र में 15 बेड का अस्पताल खोला जाएगा। कुछ माह बाद इसे बढ़ाकर 30 बेड का करने की कोशिश है। यहां मरीजों को भर्ती कर इलाज करने से वे जल्दी ठीक होंगे। मरीजों के साथ उनके स्वजनों की काउंसिलिंग भी होगी। हिन्दुस्थान समाचार/आमोद-hindusthansamachar.in