गाजी मियां का रखाया लगन, दरगाह पर फातिहा पढ़ चादर पोशी की गयी

गाजी मियां का रखाया लगन, दरगाह पर फातिहा पढ़ चादर पोशी की गयी
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वाराणसी, 25 अप्रैल (हि.स.)। कोविड संकट काल में रविवार को सप्ताहांत लाकडॉउन के बीच बड़ी बाजार स्थित हजरत सैयद सलार मसूद गाजी रहमतुल्लाह अलैह गाजीमियॉ के मजार पर उनके लगन की रस्म निभाई गई। गाजी मियां का सवा महीने का लगन रखा गया। दरगाह कमेटी के गद्दीनशीन/सेक्रेटरी हाजी एजाजुद्दीन हाशमी के देखरेख में हल्दी की रश्म-रिवाज निभाई गई। इसमें इलाकाई जायरीन औरतों और लोगों ने सहभागिता की। दरगाह कमेटी के हाजी सिराजुद्दीन अहमद, नियाजुद्दीन हाशमी, डा0 अजीजुर्रहमान, जीशान अहमद,अब्दुल अब्दुल्लाह हाशमी के देखरेख में फातिहा और चादर पोशी की गयी। रवायत के अनुसार जायरीनों को हल्दी लगायी गयी। जिसमें अकीदतमंदों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। बताते चले कि, महमूद गजनवी के सिपहसलार सालार मसूद गाजी मियां का सलारपुरा (बड़ी बाजार) में दरगाह है। यहां प्रतिवर्ष गांजी मिया के विवाह के अवसर पर लाखों लोगों की भीड़ मजार पर जुटती है। इसमें मुस्लिम समुदाय के साथ हिन्दू भी बड़ी सख्या में शामिल होते है। गाजी मिया के शादी के तैयारियों में सवा महीने का लगन रखने की रवायत के बाद पलंग-पीढ़ी (बारात की रस्म का जुलूस) बहराइच स्थित दरगाह पर भेजा जाता है। इसमें अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों की भागीदारी होती है। पलंग पीढ़ी का जुलूस बुनकर मार्केट, काजी सादुल्लापुरा, चौकाघाट, हुकुलगंज, तिराहा, मकबूल आलम रोड, पुलिस लाइन, भोजूबीर होते हुए शिवपुर से बहराइच के लिए वाहन से रवाना होता है। गाजी मियां की शादी के मौके पर मन्नत मांगने बड़ी संख्या में जुटते हैं। इसमें शादी, औलाद व लम्बी बीमारी से मुक्ति आदि मुराद की आस में लोग शामिल होते हैं। हिन्दुस्थान समाचार/श्रीधर