बलिया में दिखने लगा घाघरा का रौद्र रूप, गंगा के जलस्तर में बढ़ाव जारी
बलिया में दिखने लगा घाघरा का रौद्र रूप, गंगा के जलस्तर में बढ़ाव जारी
उत्तर-प्रदेश

बलिया में दिखने लगा घाघरा का रौद्र रूप, गंगा के जलस्तर में बढ़ाव जारी

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बलिया, 23 जुलाई (हि. स.)। जिले में लाल निशान से ऊपर बह रही घाघरा (सरयू) का रौद्र रूप दिखने लगा है। वहीं गंगा के जलस्तर में भी बढ़ाव से तटवर्ती गांवों में दहशत बढ़ने लगी है। तीन तरफ से नदियों से घिरे बलिया में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। क्योंकि दो प्रमुख नदियों गंगा व घाघरा के जलस्तर में तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है। घाघरा के तेवर कुछ अधिक ही तल्ख हैं। तटवर्ती गांवों में दहशत बढ़ गई है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के मुताबिक घाघरा का जलस्तर डीएसपी हेड पर गुरुवार सुबह आठ बजे 64.450 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरा बिंदु 64.01 मीटर निर्धारित है। वहीं चांदपुर के पास 57.520 व माझी में घाघरा का जलस्तर 54.100 मीटर पर था। घाघरा में बढ़े जलस्तर के कारण बांसडीह तहसील के सहतवार के पास चैनपुर में बाढ़ का पानी घुसने लगा है। सैकड़ों एकड़ में फसलें डूब गई हैं। सिकंदरपुर इलाके में भी बाढ़ का पानी फैलने लगा है। इससे लोगों में दहशत है। उधर, गंगा के जलस्तर में भी बढ़ाव शुरू हो गया है। किसानों को अपने धान की फसल के डूबने की चिंता सताने लगी है। गायघाट गेज पर गंगा का जलस्तर बढ़ाव के साथ 53.870 मीटर दर्ज किया गया। यहां गंगा में खतरा बिंदु 57.615 निर्धारित है। जिस तरह से गंगा में बढ़ाव जारी है, शीघ्र ही खतरे के निशान को पार कर सकती है। इससे बैरिया तहसील के केहरपुर, गंगापुर, गोपालपुर आदि गांवों में एक बार फिर से बाढ़ का डर पैदा हो गया है। इन गांवों में कटान भी तेज होने का अंदेशा जताया जा रहा है। हिन्दुस्थान समाचार/पंकज/उपेन्द्र/दीपक-hindusthansamachar.in