स्पिरिचुअल सर्किट में गंगा सर्किट के पर्यटन विकास को 100 करोड़ का प्रस्ताव
स्पिरिचुअल सर्किट में गंगा सर्किट के पर्यटन विकास को 100 करोड़ का प्रस्ताव
उत्तर-प्रदेश

स्पिरिचुअल सर्किट में गंगा सर्किट के पर्यटन विकास को 100 करोड़ का प्रस्ताव

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-प्रस्तावित योजनाओं की डीपीआर तैयार कराकर स्वीकृति के लिए भेजें-प्रह्लाद सिंह पटेल लखनऊ, 31 जुलाई (हि.स.)। केन्द्रीय पर्यटन मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने शुक्रवार को प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री डाॅ. नीलकण्ठ तिवारी के साथ विभाग के सम्बन्धित कार्याें की संयुक्त समीक्षा बैठक की उन्होंने केन्द्र सरकार से वित्त-पोषित योजनाओं के कार्याें को उच्च गुणवत्ता के साथ तेजी से पूरा कराने के निर्देश दिए। इस दौरान राज्य के पर्यटन विभाग ने नवीन योजनाओं के प्रस्तावों का भी प्रस्तुतीकरण किया। उन्होंने प्रस्तावित योजनाओं की डीपीआर तैयार कराकर भारत सरकार को स्वीकृति के लिए भेजने के निर्देश दिये। इन योजनाओं से लाखों लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। स्पिरिचुअल सर्किट में गंगा सर्किट के पर्यटन विकास के लिए 100 करोड़ का प्रस्ताव किया गया है। गंगा नदी के तट पर अनेकानेक पवित्र तीर्थ स्थल स्थित है। वहां पड़ने वाले ऐसे समस्त महत्वपूर्ण एवं पवित्र स्थलों को चिह्नित करते हुए गंगा सर्किट के रूप में एक नए पर्यटन परिपथ का विकास किया जाना प्रस्तावित है। गंगा सर्किट के विकास से न केवल इन प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों का सुनियोजित ढंग से विकास हो सकेगा, बल्कि इस क्षेत्र में जल मार्ग के माध्यम से नौका विहार, वाटर स्पोर्ट्स एवं वाटर ट्रान्सपोर्टेशन का भी लाभ प्राप्त होगा। स्वदेश दर्शन स्कीम के अन्तर्गत नवीन योजनाओं में स्पिरिचुअल सर्किट के अन्तर्गत नैमिषारण्य, मिश्रिख, धोबियागांव, हेरिटेज सर्किट के अन्तर्गत क्रान्ति पथ (सन् 1857), हस्तिनापुर (द्रौपदेश्वर, पाण्डेश्वर महादेव, द्रौपदी घाट), ईको-टूरिज्म सर्किट के अन्तर्गत मीरजापुर, चुनार, सीतामढ़ी, सोनभद्र (आंकाक्षी जनपद), बुद्धिष्ट सर्किट के अन्तर्गत कौशाम्बी, संकिसा एवं सारनाथ तथा बुन्दलेखण्ड सर्किट का पर्यटन विकास कराया जाना प्रस्तावित है, जिसकी अनुमानित लागत 400 करोड़ है तथा प्रासाद स्कीम के अन्तर्गत जनपद-वाराणसी एवं मथुरा में नवीन पर्यटन विकास योजनाएं प्रस्तावित की गई हैं, जिसकी अनुमानित लागत 100 करोड़ है। इसके साथ ही प्रदेश के संस्कृति विभाग से देवगढ़ में एक म्यूजियम के निर्माण का प्रस्ताव तैयार कराकर म्यूजियम ग्रान्ट स्कीम के अन्तर्गत वित्त-पोषण के लिए भारत सरकार को प्रेषित कराये जाने के निर्देश दिये गये। प्रदेश में रामलीला अकेडमी एवं ग्लोबल इन्साईक्लोपीडिया ऑफ रामायण का प्रस्ताव भी तैयार कराकर केन्द्रीय संस्कृति मंत्रालय को प्रेषित कराये जाने के निर्देश दिये गये। केन्द्रीय मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने आश्वासन दिया कि भारत सरकार से धनराशि प्राप्त होने में कोई भी विलम्ब नहीं होगा हिन्दुस्थान समाचार/संजय-hindusthansamachar.in