शारिरिक मानसिक स्वास्थ्य से लेकर सुखद जीवन की कल्पना 'योग' से सम्भव

शारिरिक मानसिक स्वास्थ्य से लेकर सुखद जीवन की कल्पना 'योग' से सम्भव
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गाजीपुर, 20 जून (हि.स.)। शारीरिक मानसिक स्वास्थ्य के साथ सरकारी नौकरियों में भी पहलवानी सहयोगी साबित होती रही है। कुश्ती-कबड्डी के साथ अन्य क्षेत्र के खिलाड़ियों को रेलवे, सेना से लेकर सरकारी कंपनियों मसलन एनटीपीसी जैसी संस्थाओं में भी नौकरी में रखकर उनकी प्रतिभा को निखारा है। आज लोगों के मध्य खासकर युवाओं में अपने शारीरिक फिटनेस को लेकर उत्साह बढ़ा है। इसका कारण है कि लोगों के मन में स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ी है। पहलवान अदालत यादव बताते हैं कि भारत में पहले अखाड़ों में कसरत देखने को मिलती थी, किंतु आज युवा वर्ग अखाड़ों से ज्यादा व्यायामशाला जाना पसंद करते हैं। इन दोनों क्षेत्र में शारीरिक फिटनेस पर विशेष ध्यान है किंतु दोनों की कसरत प्रणाली में कुछ भिन्नताएं हैं। कहाकि भारतीय अखाड़े ने अनेक ऐतिहासिक और आधुनिक पहलवानों को तैयार किया है। कुस्ती का स्वरूप आज भले बदल रहा हो किंतु भारतीय अखाड़ों में तैयार पहलवान आज भी आधुनिक व्यायामशाला में तैयार पहलवान को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। -गाजीपुर में राष्ट्रीय योग आयुर्वेद व प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान की हुई स्थापना गाजीपुर जनपद से लगे देवकली बयेपुर में हाल ही में उत्थान फाउंडेशन द्वारा दो एकड़ की क्षेत्रफल में राष्ट्रीय स्तर का योग आयुर्वेद प्रशिक्षण व प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र की स्थापना की गई। इस संस्थान के मुख्य योगाचार्य युष जी महाराज ने बताया कि योग में विभिन्न प्रकार के प्राणायाम और कपालभाति जैसी योग क्रियाएं शामिल हैं, जो सबसे ज्यादा प्रभावी सांस की क्रियाएं हैं। इनका नियमित अभ्यास करने से लोगों को सांस संबंधी समस्याओं और उच्च व निम्न रक्तदाब जैसी बीमारियों में आराम मिलता है। योग वह इलाज है जिसका प्रतिदिन नियमित रूप से अभ्यास किया जाए, तो जीवन को बीमारियों से धीरे-धीरे पूर्णत: छुटकारा मिल सकता है। बताया कि योग से शरीर में कई सारे सकारात्मक बदलाव लाता है। शरीर के अंगों की प्रक्रियाओं को भी नियमित करता है। कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी एवं भस्त्रिका प्राणायाम स्वास्थ्य के साथ आपके वजन को कम करने में भी लाभकारी है। प्राणायाम द्वारा डायबिटीज, अत्यधिक वजन, मानसिक तनाव आदि से छुटकारा पा सकते हैं। -बुजुर्ग व गर्भवती महिलाओं के लिए योग एक वरदान महिला योग प्रशिक्षक सुमन लता गुप्ता ने बताया कि योग के फायदे बच्चों से लगाकर बुजुर्गों, महिलाओं एव गर्भवती महिलाओं सभी को होते हैं। योग में हजारों बिमारियों को ठीक करने के गुण छिपे हुए हैं। दैनिक जीवन में योग का अभ्यास करना हमें बहुत सी बीमारियों से बचाने के साथ ही कई सारी भयानक बीमारियों जैसे- कैंसर, मधुमेह (डायबिटीज़), उच्च व निम्न रक्त दाब, हृदय रोग, किडनी का खराब होना, लीवर का खराब होना, गले की समस्याओं तथा अन्य बहुत सी मानसिक बीमारियों से भी हमारी रक्षा करता है। कहाकि जो बीमारियां दवाइयों से ठीक नहीं हो पाती, उनका इलाज भी योग में सम्भ्व है। स्कूलों में भी बढ़ रहा योग का चलन प्रख्यात योग साधक इंजीनियर संजीव गुप्ता ने बताया कि बच्चों में बढ़ रही मानसिकता और तनाव को देखते हुए सरकार ने स्कूलों में योग क्लास शुरु करने का निर्णय लिया है। ज्यादातर स्कूल में योग करवाया भी जाता है। उन्होंने बताया कि योग में शरीर के हर छोटे से छोटे अंग का व्यायाम होता है, जिससे फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है। छोटे व्यक्ति से लेकर बुजुर्ग व्यक्ति तक कोई भी आसन कर सकता है। इससे मनुष्य के अंदर की नकारात्मकता को खत्म किया जा सकता है। योग तन के अलावा मन को भी शांति देता है। योग के कई आसान व ध्यान आपके विचारों को नियंत्रित करता है जिससे मन शांत रहता है। हिन्दुस्थान समाचार/श्रीराम जायसवाल

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