फिरोजाबाद के कांच कारखानों में हड़ताल खत्म होने से फिर लौटी रौनक

फिरोजाबाद के कांच कारखानों में हड़ताल खत्म होने से फिर लौटी रौनक
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फिरोजाबाद, 22 जुलाई (हि.स.)। सुहाग नगरी के चूड़ी कारखानों में 20 दिन की हड़ताल के बाद गुरुवार को पुनः काम शुरू होने से रौनक लौट आयी है। बुधवार देर शाम जिला प्रशासन के लिखित आदेश के बाद चूड़ी जुड़ाई मजदूरों ने अपनी हड़ताल खत्म कर दी है।

देश व प्रदेश में फिरोजाबाद जिले को सुहाग नगरी के नाम से भी जाना पहचाना जाता है, क्योंकि यहां सुहाग के प्रतीक कांच की चूड़ियों का कारोबार होता है। कोरोना महामारी के कारण पिछले दो साल से यह कारोबार वैसे ही आर्थिक मंदी की मार झेल रहा था। वहीं दो जुलाई से इस उद्योग से जुड़े चूड़ी जुड़ाई श्रमिकों ने मानेदय बढ़ाने और अन्य कई मांगों को लेकर हड़ताल कर दी थी, जिससे यह कारोबार लगभग ठप हो गया था। श्रमिकों की इस हड़ताल के कारण चूड़ी कारोबारी काफी परेशान थे।

श्रम विभाग के हस्तक्षेप के बाद मजदूर यूनियन और कारखाना मालिकों के बीच कई बार वार्ता भी हुई, लेकिन कोई हल नहीं निकला। मजदूर यूनियन मानदेय बढ़ाने का आश्वासन लिखित में देने की मांग कर रहा था। बुधवार की रात को जिलाधिकारी चन्द्र विजय सिंह और मजदूर नेताओं के बीच समझौता वार्ता हुई, जिस पर जिलाधिकारी ने श्रमिक संगठनों को लिखित में आश्वासन देकर उनकी यह हड़ताल खत्म करा दी।

चूड़ी की जुड़ाई करने वाले श्रमिकों को 2400 रुपये प्रति सैकड़ा तोड़ा मजदूरी मिलती थी, लेकिन श्रमिक इसे कम बताते थे। सदर विधायक मनीष असीजा के दखल के बाद एक कमेटी गठित की गयी थी। उप श्रमायुक्त की अध्यक्षता में गठित इस कमेटी में सेवायोजक कारखानेदारों के साथ-साथ श्रमिकों के प्रतिनिधि भी शामिल थे। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट शासन को को भेजी थी, जिसके बाद शासन ने पारिश्रमिक को 2400 से बढ़ाकर 3000 कर दिया था। जिसका शासनादेश भी जारी हुआ था।

हिन्दुस्थान समाचार/कौशल