फतेहपुर : मतगणना प्रशिक्षण में अव्यवस्थाओ का बोलबाला

फतेहपुर : मतगणना प्रशिक्षण में अव्यवस्थाओ का बोलबाला
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- प्रभारी व अधिकारियों का पता नहीं, अधिकांश प्रशिक्षण कर्मी भी नदारत - कोविड गाइड लाइन की उड़ी धज्जियां, बन सकता है बड़ी समस्या का कारण फतेहपुर, 29 अप्रैल (हि.स.)। जिले में गुरुवार को पंचायत चुनाव की मतगणना के लिए कर्मियों के प्रशिक्षण में पहले दिन पूरी तरह अव्यवस्था नजर आ रही है। प्रशिक्षण स्थल पर न कोई अधिकारी व प्रभारी मौजूद है न ही प्रशिक्षण कर्मी ही है। बस औपचारिकता के लिए प्रशिक्षण में ड्यूटी पत्र देकर प्रशिक्षण की फर्ज अदायगी की जा रही है। प्रशिक्षणकर्मियों की भीड़ में कोविड काल के दिशानिर्देशों पूरी तरह ध्वस्त नजर आये जो आने वाले दिनों कोरोना संक्रमण फैलाने का ही काम करेगा। बताते चले कि, पंचायत चुनाव की मतगणना के लिए जिला मुख्यालय के ठा. युगराज सिंह लॉ कालेज़ में ड्यूटी प्राप्त करने और प्रशिक्षण लेने वाले कर्मचारियो की भीड़ कोविड काल में भविष्य के लिए एक बड़ी समस्या का कारण बन सकती हैं। मौक़े पर न तो प्रभारी मौजूद हैं और न ही कार्मिक प्रशिक्षण प्रदान करने वाले अधिकृत कर्मचारी ही हैं। ज़िला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बुधवार को आदेश जारी करके 05 खण्ड शिक्षा अधिकारियों और 35 अध्यापकों व लिपिकों की ड्यूटी लगाते हुए 29 एवं 30 अप्रैल को प्रातः 09 बजे से सायं 06 बजे तक कार्मिकों के प्रशिक्षण में प्रतिदिन की उपस्थिति एवं अन्य आवश्यक रिपोर्टें तैयार कर दोनों दिन अलग अलग सूचनाएं प्रभारी अधिकारियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। उपरोक्त प्रशिक्षण स्थल का आलम यह है कि खंड शिक्षा अधिकारी बहुआ देवेंद्र कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी अमौली पुष्पराज सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी तेलियानी विश्वनाथ, खंड शिक्षा अधिकारी एके कुशवाहा, खंड शिक्षा अधिकारी राम पूजन पटेल जिन्हें ब्लाकवार प्रभारी का दायित्व सौंपा था। वह सभी मौक़े से नदारत है। इतना ही नहीं जिन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी उनमें ज्यादातर स्वयं मौजूद न होकर किसी और से औपचारिकता निभाने का काम कर रहे हैं। एक कर्मी जगदीश सिंह का कहना है कि प्रशिक्षण के लिए आने वाले कर्मचारियो की भीड़ लगी है और अफरा तफरी पूर्ण माहौल कोविड काल की चुनौतियों को बढ़ाने वाला साबित हो सकता है। न तो शारीरिक दूरी का पालन हो पा रहा है और ना ही अन्य कोविड नियम ही मायने रख रहे हैं। वहीं आधिकारिक अव्यवस्था का उदाहरण इससे भी मिलता है कि पहले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को यहां बुला लिया गया और जब तमाम कर्मचारी मौके पर पहुंच गए तो अनाउंस कर दिया गया कि इन कर्मियो की उपस्थिति और ड्यूटी यहां से नहीं मिलेगी, सीधे अपनी ड्यूटी स्थल पहुंचे। ये कर्मचारी इस संक्रमण काल में अपनी जान हथेली पर लिए घंटो इधर-उधर भटकते देखे गए। कुल मिलाकर मतगणना कर्मियो के प्रशिक्षण के पहले दिन अव्यवस्थाएं हावी है, कोविड काल की गाइड लाइन का कहीं पर ध्यान नहीं रखा जा रहा है और जिम्मेदारों का दूर-दूर तक कहीं पता नहीं है। जब बेसिक शिक्षा अधिकारी से फोन से सम्पर्क करने का प्रयास किया गया तो बात नहीं हो सकी। हिन्दुस्थान समाचार/देवेन्द्र