मचान विधि से खेती कर किसानों की आय हो रही दोगुनी

 मचान विधि से खेती कर किसानों की आय हो रही दोगुनी
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जैविक खाद का प्रयोग करने से सुधर रही खेतों की सेहत जिले में 48 एकड़ में मचान विधि से हो रही जैविक खेती मीरजापुर, 09 जून (हि.स.)। कोरोना संक्रमण के दौर में जहां पूरा देश परेशान हैं। वहीं सब्जी और फल आदि की आपूर्ति शासन-प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई है। ऐसे में जनपद के किसान मचान विधि से जैविक खाद के माध्यम से सब्जी उगाकर मदद के साथ ही आर्थिक रूप से सम्पन्न भी हो रहे हैं। सबसे बड़ी बात जैविक विधि से खेती करने से खेतों की सेहत भी सुधर रही है। मचान विधि से 48 एकड़ में हरी सब्जी की खेती जैविक विधि से की गयी, जो रूरल मार्ट के माध्यम से कोरोना काल में कृषक उत्पादन संगठन (एफपीओ) से घर-घर हरी सब्जी पहुंचाने का कार्य किया गया। जनपद में चंद्रमौली पांडेय सीखड़, कृष्णकांत त्रिपाठी भुआवलपुर, बेचन सिंह विट्ठलपुर, मुकेश त्रिपाठी भुआवल, अखिलेश गोरिया, कनकलता विट्ठलपुर में मचान विधि से लौकी, करेला, कोहड़ा आदि की खेती कर रहे हैं। मुकेश पांडेय ने बताया कि कृषि विभाग के सहयोग से नव चेतना कृषक उत्पादक संगठन का सृजन किय गया जिसमें 1267 किसान सम्मिलित है। एफपीओ वर्मी कम्पोस्ट का 8 हजार कुंतल प्रति वर्ष उत्पादन करती है। उप निदेशक कृषि डॉ. अशोक उपाध्याय ने बताया कि मचान विधि में तार का जाल बनाकर सब्जियों की बेल को जमीन से ऊपर तक पहुंचाया जाता है। इससे बेल वाली सब्जियों को आसानी से उगा सकते हैं। इसके साथ ही फसल को कई रोगों से बचाया जा सकता है। हिन्दुस्थान समाचार/गिरजा शंकर/विद्या कान्त