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उत्तर-प्रदेश

कांग्रेस शासित महाराष्ट्र और राजस्थान में उप्र से भी महंगी है बिजली - श्रीकांत शर्मा

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- कहा, किसानों को दी गई बिजली की कुल लागत का 18 प्रतिशत ही ले रही सरकार लखनऊ, 04 मार्च (हि.स.)। प्रदेश के ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री श्रीकांत शर्मा ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले 15 साल में जो भी गैर भाजपा सरकारें प्रदेश में रहीं, उन्होंने ऊर्जा विभाग को कर्ज में डुबो दिया। आज जनसहभागिता से उस घाटे को पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र और राजस्थान में जहां कांग्रेस है, वहां उत्तर प्रदेश से भी बिजली महंगी है। ऊर्जा मंत्री ने गुरुवार को कहा कि उप्र में अब किसानों द्वारा उपयोग की जा रही बिजली की कुल लागत का लगभग 18 प्रतिशत ही किसानों से लिया जा रहा है। बाकी 82 प्रतिशत प्रदेश सरकार सब्सिडी के रूप में दे रही है। सिंचाई के लिये किसानों को पहले की तरह रात भर नहीं जागना पड़ता है। किसानों को बिजली आपूर्ति हेतु फीडर सेपरेशन कर दिन में 10 घंटे बिजली दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अब तक 576 नए 33/11 उपकेंद्र बनाये हैं तथा 1036 उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाई है। उन्होंने कहा कि गत वित्तीय वर्ष की 21,632 मेगावाट की पीक मांग के सापेक्ष मौजूदा वित्तीय वर्ष में 23,867 मेगावाट तक मांग की आपूर्ति की गई। प्रदेश में लगभग 24,000 मेगावाट विद्युत की उपलब्धता है जो मांग के अनुरूप पर्याप्त है। पूर्व की सरकार में ग्रिड की क्षमता महज 16500 मेगावाट थी, अब 24,500 मेगावाट है। आयात क्षमता को भी 7800 मेगावाट से 13400 मेगावाट तक बढ़ाया गया है। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि पारेषण तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए 765 केवीए का 01, 400 केवीए के 09, 220 केवीए के 29 व 132 केवीए के 50 पारेषण उपकेंद्र बनाये गये हैं। इसी प्रकार मार्च 2021 तक विभिन्न क्षमताओं के कुल 22 नए पारेषण उपकेंद्र भी उर्जित हो जाएंगे। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि सरकार बनने से अब तक 45 हजार 85 सर्किट किमी पारेषण लाइन भी बनाई गई। आज प्रदेश में सभी विधाओं की कुल विद्युत उत्पादन क्षमता 26,937 मेगावाट है जो कि तीन वर्ष पूर्व की क्षमता से लगभग 4000 मेगावाट अधिक है। 2024 तक इसमें 8262 मेगावाट की वृद्धि होगी। अभी तक आईडीपीएस टाउन्स में 1076 किमी, आईडीपीएस (जीओआई) के तहत 10016 किमी व सौभाग्य योजना के तहत 24885 किमी जर्जर लाइनों को एबीसी में बदला जा चुका है। हिन्दुस्थान समाचार/संजय