निजीकरण न होकर शिक्षा का समाजीकरण हो : डा. अनिल अविश्रान्त

निजीकरण न होकर शिक्षा का समाजीकरण हो : डा. अनिल अविश्रान्त
निजीकरण न होकर शिक्षा का समाजीकरण हो : डा. अनिल अविश्रान्त

झांसी, 31 जुलाई (हि.स.)। मुंशी प्रेमचंद ने लिखा है कि शिक्षा पर सरकार को ज्यादा खर्च करना चाहिए ताकि देश की गरीब जनता भी पढ़ सके। जब सरकार नई शिक्षा नीति ला रही है, तो प्रेमचंद को नए सिरे से पढ़ने की जरूरत है। निजीकरण न होकर शिक्षा का समाजीकरण होना चाहिए। यह विचार प्रगतिशील लेखक संघ (प्रलेस) के अध्यक्ष डा. अनिल अविश्रान्त ने शुक्रवार को कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की 140वीं जयन्ती के अवसर पर भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) एवं प्रगतिशील लेखक संघ (प्रलेस) इकाईयों द्वारा मुंशी प्रेमचंद और आज का समाज विषयक बेबिनार गोष्ठी के आयोजन पर व्यक्त किये। गोष्ठी को मुख्य वक्ता के रुप में सम्बोधित करते हुए अध्यक्ष डा. अनिल अविश्रान्त ने कहा कि साहित्य का काम अपने समय, समाज और संस्कृति की गुत्थियों को सुलझाने में मदद करना है, इसलिए प्रगतिशील विचारधार के साहित्यकारों ने इस पर अमल किया। जिसका नतीजा रहा कि साहित्य, संस्कृति की धारा को हम जनता के हिसाब से सही दिशा देने में कुछ हद तक कामयाब हो सके। उन्होनें कहा कि जैसे जैसे समाज में शोषण, अन्याय, खतरे बढ़ते रहेंगे, मुंशी प्रेमचंद हमें याद आएंगे। जो चुनौतियां आज के समाज में हमारे सामने दिखाई दे रहीं हैं, उनका सामना एकजुट हो करना होगा। इप्टा और प्रगतिशील लेखक संघ के महासचिव डा. मुहम्मद नईम ने कहा कि कथा सम्राट के निधन के 85 सालों बाद भी होरी, धनिया, घीसू, माधव आज भी हमारे आसपास निरीह और असहाय अवस्था में घूम रहे हैं, हम कुछ नहीं कर पा रहे हैं। डा. शारदा सिंह ने कहा कि संस्कृति और सभ्यता के नाम पर गुमराह करने वाले तत्व आज भी हावी हैं, जितने प्रेमचंद के समय में थे। गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए इप्टा के अध्यक्ष डा. इकबाल खान ने कहा कि जब तक सामाजिक समस्याएं समाज में रहेंगी, प्रेमचंद हमेशा प्रासंगिक रहेंगे। समाज विज्ञान के विद्यार्थियों को अगर समाज को समझना है तो वे प्रेमचंद का साहित्य अवश्य पढ़े। गोष्ठी को आरिफ शहडोली, कमलेश झा, अमीनुद्दीन खान, मोहम्मद शाहिद, पारसमणी अग्रवाल ने संबोधित किया। इस दौरान डा. कमलेश कुमार, शेख अरशद, रुचि वर्मा, आरके वर्मा, मेघा झा, अमन खान, अंशुल नामदेव, गरिमा नामदेव, प्रगति द्विवेदी आदि बेब माध्यम से उपस्थित रहे। सभी का आभार रंगकर्मी रोहित प्रजापति ने व्यक्त किया। हिन्दुस्थान समाचार/महेश/मोहित-hindusthansamachar.in

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