डॉक्टर और कर्मचारियों ने इमरजेंसी व ओपीडी कार्य का बहिष्कार किया

डॉक्टर और कर्मचारियों ने इमरजेंसी व ओपीडी कार्य का बहिष्कार किया
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मऊ, 24 मार्च (हि.स.)। जिला अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों ने बुधवार को आकस्मिक सेवा व ओपीडी पूर्णता बंद कर रखा। पूरा मामला बीती मंगलवार की रात में इलाज कराने पहुंचे कुछ युवकों ने डॉक्टरों के साथ मारपीट के साथ फायरिंग के मामले में बुधवार की सुबह अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों ने सुरक्षा की मांग को लेकर कार्य का बहिष्कार कर दिया है। और गेट में ताला जड़ दिया। अस्पताल गेट के बाहर मरीज और तीमारदारों की लाइन लगी हुई है। मौके पर पुलिस पहुंच कर डॉक्टरों व कर्मचारियों को मनाने में जुटी हुई है। बताते चलें कि पूर्व में भी मरीजों के तीमारदारों द्वारा डॉक्टरों व कर्मचारियों से दुर्व्यवहार की पूर्व में भी कई बार घटित हो चुकी है। इसको लेकर दो तीन बार पुलिस को भी सूचना दी गई थी कि अस्पताल परिसर में पुलिस चौकी व पिकेट की व्यवस्था बनाई जाए। पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचकर डॉक्टरों व कर्मचारियों को उनकी मांगों को लेकर आश्वस्त करने में जुटी रही। पीड़ित डॉक्टर अनिल कुमार ने बताया कि बीती रात एक युवक का इलाज कराने पहुंचे 5 या 6 की संख्या में युवकों ने पहले डॉक्टरों से बदतमीजी की। गाली गलौज पर आ गए, हाथापाई करने लगे। उसके बाद अस्पताल के इमरजेंसी छोड़कर बाहर जाने लगे। उसमें से एक युवक ने असलहा निकालकर फायरिंग करते हुए भाग गया। इस संबंध में पुलिस को सूचना दिया। पुलिस ने एफआईआर किया है। जब तक पुलिस सुरक्षा नहीं देगी, तब तक अपने कार्य का बहिष्कार कर इमरजेंसी ड्यूटी चलाते रहेंगे। अपर पुलिस अधीक्षक त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी ने बताया बीती रात को अस्पताल में कुछ युवकों द्वारा डॉक्टरों के साथ मारपीट व फायरिंग की गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। डॉक्टर की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर अस्पताल के कर्मचारी व डॉक्टर भयभीत है। जहां डॉक्टरों को भगवान की संज्ञा दी जाती है वही आज डॉक्टर अपनी सुरक्षा को लेकर पुलिस से न्याय की गुहार लगा रहे हैं। हिन्दुस्थान समाचार/वेद नारायण

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