Devotees take a holy dip in the Ganges on the occasion of Makar Sankranti
Devotees take a holy dip in the Ganges on the occasion of Makar Sankranti
उत्तर-प्रदेश

मकर संक्रांति के महापर्व पर गंगा नदी में श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

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- बर्फीली हवाओं के चलते चल रही शीतलहर के बीच गंगा किनारे जुटी भीड़ कानपुर, 14 जनवरी (हि.स.)। सूर्य भगवान के दक्षिणायन से उत्तरायण होने पर उनकी विशेष आराधना की जाती है और इसी आराधना को मकर संक्रांति के पर्व के रुप में मनाया जाता है। इस दिन लोग गंगा, यमुना व अन्य नदियों सहित पोखर व तालाबों में स्नान कर सूर्य भगवान की आराधना करते हैं। गुरुवार को भी हर वर्ष की भांति मकर संक्रांति के पर्व पर सुबह भोर पहर से ही श्रद्धालु गंगा किनारे पहुंचने लगे। बर्फीली हवाओं से चल रही शीतलहर के बीच श्रद्धालुओं ने गंगा पर आस्था की डुबकी लगाई। इसके साथ ही दान पुण्य कर सूर्य भगवान से अपने बेहतर भविष्य की कामना की। कोरोना काल में इस बार पड़े मकर संक्रांति के पर्व पर में भी लोगों की आस्था कमजोर नहीं हुई और शहर के प्रमुख गंगा तटों पर सुबह से ही श्रद्धालु पहुंचने लगे। बिठूर के ब्रह्मार्वत घाट, गंगा बैराज, सरसैया घाट, मैस्कर घाट पर श्रद्धालुओं ने शीतलहर के बीच आस्था की डुबकी लगाई। गंगा में स्नान और पूजन के बाद अक्षत व वस्त्र दान करके सुख समृद्धि की कामना की। भक्तों ने स्नान कर तट पर ही दान की परंपरा का पालन किया। बाबा आनंदेश्वर मंदिर, जाजमऊ मंदिर, ब्रह्म खूंटी मंदिर के पास भक्तों ने पूजन कर खिचड़ी व वस्त्रों का दान जरुरतमंदों पर किया। इसके साथ ही जो श्रद्धालु कोरोना संक्रमण काल के चलते गंगा घाटों पर नहीं पहुंचे तो उन्होंने घर पर ही स्नान करके पूजन अर्चन किया और छत पर सूर्य देवता को अघ्र्य देकर खिचड़ी, तिल और गुड़ का दान किया। वहीं शहर के विभिन्न स्थानों पर समाजसेवियों व संस्थाओं द्वारा खिचड़ी वितरण किया गया। पुलिस और प्रशासन का रहा पहरा मकर संक्रांति के पर्व पर गंगा के घाटों पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की भारी संख्या को लेकर पुलिस और प्रशासन ने पहले से ही तैयारी कर ली थी। जगह-जगह पुलिस के प्वाइंट बने हुए थे और महिला पुलिस कर्मी भी बराबर गश्त करती दिखी। लोगों को सर्दी से बचने के लिए प्रशासन ने अलाव व रैन बसेरा के इंतजाम किए। साथ ही व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए मजिस्ट्रेट भी तैनात रहंे। मकर राशि में सूर्य ने किया प्रवेश ज्योतिषाचार्य रामऔतार पाण्डेय ने बताया कि 14 जनवरी को मकर संक्रांति का पर्व पर सुबह से ही लोग गंगा में स्नान करने लगे। आज दिन सूर्य देव सुबह 8 बजकर 14 मिनट पर धनु से मकर राशि में प्रवेश कर गये। इसी के साथ मकर संक्रांति के स्नान दान की शुरुआत हो गयी और दूसरे पहर पांच बजे तक स्नान और दान का शुभ समय रहेगा। हालांकि सुबह स्नान से भी पर्व का लाभ श्रद्धालुओं को मिला। बताया कि उत्तर भारत में जहां इसे मकर संक्रांति कहा जाता है, वहीं असम में इस दिन बिहू और दक्षिण भारत में इस दिन पोंगल पर्व मनाया जाता है। गुजरात में संक्रांति के दिन विशेष तौर पर पतंगबाजी का आयोजन होता है। इस दिन बच्चे- बुजुर्ग पूरे उत्साह के साथ अपने घर की छतों पर पतंग उड़ाते हैं और मकर संक्रांति मनाते हैं। हिन्दुस्थान समाचार/ अजय/मोहित-hindusthansamachar.in