दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरीडोर परियोजना संचालित

दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरीडोर परियोजना संचालित

लखनऊ। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में दु्रत क्षेत्रीय परिवहन के माध्यम से समेकित गतिशीलता समाधान द्वारा भीड़-भाड़ व प्रदूषण को कम करने, शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार के अवसरों तक नागरिकों की पहुॅच बढ़ाने व क्षेत्र के संतुलित व सतत आर्थिक विकास को गति देने हेतु रीजनल रैपिड ट्रॉजिंट सिस्टम (आर0आर0टी0एस0) के तहत दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरीडोर परियोजना संचालित है, जिसका व्यवसायिक संचालन वर्ष 2025 में लक्षित है।

दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस परियोजना की कुल लागत रुपए 30274 करोड़ के सापेक्ष उत्तर प्रदेश सरकार की सहभागिता रुपए 6048 करोड़ है। इस कॉरिडोर की कुल लम्बाई 82 किलोमीटर है, जिसमें 02 डिपो सहित 24 स्टेशन होंगे और मोदीपुरम से दिल्ली की दूरी लगभग 01 घंटे में पूरी की जायेगी। साहिबाबाद व दोहाई के बीच 17 किलोमीटर प्राथमिक सेक्शन पर वर्तमान में निर्माण कार्य त्वरित गति से किया जा रहा है तथा इस सेक्शन पर परिचालन वर्ष 2023 से लक्षित है।

इसके अतिरिक्त इस परियोजना के माध्यम से मेरठ नगर में मेट्रो का भी एक कॉरीडोर विकसित किया जायेगा, जिसमें मेरठ में परतापुर से लेकर मोदीपुरम तक लगभग 22 किलोमीटर तक के कॉरीडोर पर स्थानीय परिवहन (मेट्रो सेवायें) प्रदान के लिए आरआरटीएस के आधारभूत ढांचे का उपयोग किया जायेगा।

अन्य खबरें

No stories found.