गाय भारतीय संस्कृति का प्रतीक, इसका संरक्षण और संवर्धन आवश्यक : प्रो. श्यामनन्दन सिंह

गाय भारतीय संस्कृति का प्रतीक, इसका संरक्षण और संवर्धन आवश्यक : प्रो. श्यामनन्दन सिंह

लखनऊ। उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम नन्दन सिंह की अध्यक्षता में पंजीकृत गोशालाओं की दशा सुधारने, उनके प्रबंधन में सुधार लाने तथा गायों की नस्ल सुधारने के लिये गोशाला प्रबंधकों के प्रशिक्षण श्रृंखला के तहत लखनऊ, अयोध्या व देवीपाटन मण्डल के जनपदों की पंजीकृत गोशालाओं के प्रबंधकों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में गोशालाओं के आदर्श प्रबंधन, गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाना व गोवंश में होने वाली मौसमी बीमारियों से उनका बचाव व उपचार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर पर जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन आज यहां उ0प्र0 गोसेवा आयोग के इन्दिरा भवन स्थित सभागार में मुख्य अतिथि डॉ. जी0के0 सिंह, उप कुलपति, उ0प्र0 पं0 दीनदयाल उपाध्याय पशुचिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो अनुसंधान संस्थान मथुरा द्वारा किया गया। उन्होंनें आयोग के प्रदेश व्यापी प्रशिक्षण कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से लोगों में गोवंश के प्रति जागरूकता उत्पन्न होगी तथा भारतीय संस्कृति का संरक्षण हो सकेगा।

गोसेवा आयोग अध्यक्ष ने कहा कि गौशालाओं की बेहतरी के लिए भविष्य में निरन्तर ऐसे ही प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये जाते रहेंगे। इन प्रशिक्षणों से ज्ञान प्राप्त कर आयोग भी समृद्ध होगा और गोवंश के हित में योजनाएं बनाने में सफल होगा। उन्होंने कहा कि गाय भारतीय संस्कृति का प्रतीक है और इसका संरक्षण, संवर्धन प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष, उ0प्र0 गोसेवा आयोग अतुल सिंह ने कहा कि प्रदेश में गो दुग्ध के और अधिक बिक्री केन्द्र बनाये जायें तथा गो दुग्ध एवं उससे निर्मित उत्पादों का उचित मूल्य मिल सके। गोशालाओं में गोमय एवं गोमूत्र उत्पाद बनाने वाले उपकरण अधिक मात्रा में लगें, जिससे गोशालाओं की आय में वृद्धि हो तथा अतिरिक्त रोजगार सृजन हो सके।

प्रशिक्षण के प्रथम सत्र में डॉ. पी0के0 त्रिपाठी, पूर्व सचिव, उ0प्र0 गोसेवा आयोग ने गोशाला प्रबन्धन विषय पर व्याख्यान दिया, जिसमें गोशाला का स्थान, आवास, पेयजल, आहार, सफाई, स्वास्थ्य एवं प्रजनन व्यवस्था के विषय में विस्तार से जानकारी दी गई। द्वितीय सत्र में डॉ. वीरेन्द्र सिंह, सचिव, उ0प्र0 गोसेवा आयोग ने गोवंश की बीमारियों यथा गलाघोंटू, खुरपका मुंहपका, बी0क्यू0, ब्रूसोलोसिस, कृमिनाशक दवाओं और टीकाकरण आदि विषयों पर जानकारी दी एवं डॉ. शिव ओम गंगवार, विशेष कार्याधिकारी, उ0प्र0 गोसेवा आयोग ने गोशालाओं को आत्मनिर्भरता की आवश्यकता, आत्मनिर्भर बनने के उपाय बताते हुए गोशालाओं के हित में सरकार द्वारा संचालित विभिन्न राजकीय योजनाओं से अवगत कराया। प्रत्येक प्रश्नोत्तर काल के अन्त में वक्ता द्वारा गोशाला प्रबन्धकों की जिज्ञासाओं का समुचित निराकरण करते हुए प्रश्नों का उत्तर दिया।

इस कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. प्रतीक सिंह, विशेष कार्याधिकारी, उ0प्र0 गोसेवा आयोग द्वारा किया गया। उन्होंने अवगत कराया कि उ0प्र0 गोसेवा आयोग के सदस्य कृष्ण कुमार सिंह ‘भोले सिंह‘ पूर्व निर्धारित यात्रा कार्यक्रम के कारण आज के प्रशिक्षण कार्यक्रम में सम्मिलित नहीं हो सके, उन्होंने कार्यक्रम की सफलता के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। इस अवसर पर आयोग के अन्य अधिकारी डॉ. मुकेश सिंह, डॉ. नरजीत सिंह, अखिलेश कुमार श्रीवास्तव उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में गोप्रेमी देवेन्द्र अग्रवाल तथा आयोग के सलाहकार राधेश्याम दीक्षित भी उपस्थित रहे।

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