नाबालिग किशोरी को भगाकर ले जाने के दो आरोपियों को कोर्ट ने सुनाई सजा

नाबालिग किशोरी को भगाकर ले जाने के दो आरोपियों को कोर्ट ने सुनाई सजा
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- मुख्य आरोपी को आजीवन कारावास व सह आरोपी को पांच साल की सजा फिरोजाबाद, 09 अप्रैल (हि.स.)। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अतिरिक्त विशेष न्यायाधीश पॉक्सो प्रथम अरविन्द कुमार यादव द्वितीय ने नाबालिग किशोरी को बहला फुसलाकर भगा ले जाने के दो आरोपियों को सजा सुनाई है। न्यायालय ने मुख्य आरोपी को आजीवन कारावास एवं 53 हजार रूपये के अर्थदण्ड व सह आरोपी को पांच वर्ष के कारावास एवं तीन हजार रूपये के अर्थदण्ड की सजा से दंडित किया है। अर्थदण्ड न देने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामला थाना लाइनपार थाना से जुड़ा है। अभियोजन पक्ष के अनुसार 31 दिसम्बर 2016 को सुबह एक 14 वर्षीय किशोर शौच करने गयी थी जो वापस नहीं आयी। जव उसके बाबा ने खोजबीन की तो एक महिला ने बताया कि उसकी नातिन को अभियुक्त नीरज पुत्र भगवती प्रसाद निवासी संत नगर लाइनपार बहला फुसलाकर ले गया है। किशोरी के बाबा ने नीरज व उसके भाई जितेन्द्र व भांजे सुन्दर के खिलाफ तहरीर दी थी। आरोपी नीरज के भाई व भांजे पर घटना में शामिल होने का आरोप लगाया गया था। पुलिस ने अभियोग दर्ज कर विवेचना उपरान्त नीरज व सुन्दर उर्फ श्याम सुन्दर पुत्र राजकुमार के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अतिरिक्त विशेष न्यायाधीश पॉक्सो प्रथम के न्यायालय में विचारण एवं निस्तारण हेतु भेजा गया। न्यायालय ने अभियुक्तों पर आरोप लगाया। अभियुक्तों ने आरोप से इन्कार करते हुए सत्र परीक्षण की मांग की। शासन की ओर से पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक कमल सिंह ने केस को साबित करने के लिए उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालय की तमाम नजीर न्यायालय के समक्ष पेश की। विद्वान न्यायाधीश अरविन्द्र कुमार यादव द्वितीय नेे दोनों पक्षों के तर्क सुनने एवं पत्रावली पर उपलब्ध तमाम साक्ष्य का गहनता से अध्यन करने के बाद आरोपी नीरज व सुन्दर उर्फ श्याम सुन्दर को दोषी पाते हुए खुले न्यायालय में सजा सुनाई है। हिन्दुस्थान समाचार/कौशल