कोरोना विजेता : सकारात्मक सोच से कोविड को दें मात

कोरोना विजेता : सकारात्मक सोच से कोविड को दें मात
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मेरठ, 29 अप्रैल (हि.स.)। कोरोना को हराने के लिए सकारात्मक सोचना बहुत आवश्यक है। कोरोना को मात दे चुके लोगों का यही कहना है कि नकारात्मक सोच से दूर रहने और खुश रहकर कोविड को आसानी से हराया जा सकता है। कोरोना को हराने के लिए नकारात्मक बातों से रहें दूर मोदीपुरम निवासी वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप पंवार ने कोरोना पाॅजिटिव होने के बाद भी हिम्मत नहीं हारी। उनका पूरा परिवार ही कोविड पाॅजिटिव हो गया और अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। कुलदीप के साथ उनके बुजुर्ग पिता भी अस्पताल में थे, लेकिन अपनी सक्रिय दिनचर्या, सकारात्मक सोच से वह कोरोना को मात देने में सफल हो गए। इस दौरान मित्रों और रिश्तेदारों ने भी लगातार हौसला बढ़ाया। कुलदीप बताते हैं कि नकारात्मक बातों को किसी भी रूप में दिमाग में ना आने दिया जाए तो सबकुछ ठीक हो जाता है। सकारात्मक विचार और खुद को व्यस्त रखकर कोरोना को हरायें गंगानगर निवासी शिक्षाविद राजेश भारती भी कोरोना की चपेट में आ गए। खुद का कोचिंग संस्थान चलाने वाले राजेश बिल्कुल नहीं घबराए। पूरी हिम्मत से कोरोना का सामना किया और जल्दी ही उसे मात देकर उठ खड़े हुए। राजेश का कहना है कि सकारात्मक विचार रखकर और खुद को व्यस्त रखकर कोरोना को हराया जा सकता है। कोरोना से ठीक होने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ रही है। अब वह दूसरे लोगों को भी कोरोना गाइडलाइन का पालन करने और हिम्मत से डटे रहने को प्रेरित कर रहे हैं। हिम्मत नहीं हारने वाले लोग कोरोना को दे रहे मात माधवपुरम निवासी वरिष्ठ पत्रकार ज्ञानप्रकाश श्रीवास्वत भी अपना कर्तव्य निभाते हुए कोरोना संक्रमित हो गए। इस दौरान उन्हें अस्पताल में भी भर्ती रहना पड़ा। अस्पताल में रहने के दौरान वह पूरी तरह से सकारात्मक रहे। हिम्मत नहीं हारने वाले लोग कोरोना को मात दे सकते हैं, यही सोच उनके अंदर काम करती रही। इसी के बल पर वह कोरोना को कराने में कामयाब रहे। इस दौरान पूरे परिवार ने हिम्मत दी और सकारात्मक रहने को कहा। डाॅक्टरों ने भी नकारात्मक सोच को पूरी तरह छोड़ देने को कहा। हिन्दुस्थान समाचार/कुलदीप