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उत्तर-प्रदेश

कोरोना: वाराणसी में पारम्परिक आयोजक ही करेंगे गंगा आरती, भीड़ पर लगा प्रतिबंध

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-प्रातःकालीन दूध सप्लाई व सब्जी मंडी तथा रात्रि कालीन दवा की दुकानें प्रतिबंध से मुक्त वाराणसी, 08 अप्रैल (हि.स.)। वाराणसी में कहर बरपा रहे कोरोना से लोगों को बचाने के लिए जिला प्रशासन ने गंगा आरती को केवल पारंपरिक आयोजकों की ओर से सूक्ष्म रूप से करने का निर्देश दिया है। गंगा घाट पर आरती देखने वाले श्रद्धालुओं पर नाइट कर्फ्यू तक प्रतिबंध रहेगा। जिलाधिकारी ने बताया कि प्रातः छह बजे से रात्रि नौ बजे तक धार्मिक स्थलों व परिवार के सामाजिक आयोजनों में बंद भवन में अधिकतम 100 व खुले स्थानों के परिसरों में अधिकतम 200 लोगों से ज्यादा व्यक्ति एक बार में इकट्ठे नहीं होंगे। गौरतलब है कि शासन के निर्देश पर गुरुवार की रात्रि 09 बजे से सुबह 06 बजे तक नाइट कर्फ्यू की घोषणा की है। कर्फ्यू 15 अप्रैल तक लागू होगा। उन्होंने बताया कि पूर्व के शासनादेश के अनुसार पंचायत निर्वाचन के प्रचार में 05 व्यक्तियों से अधिक लोगों के एक स्थान पर एकत्रित होने पर रोक है। विकास प्राधिकरण, नगर निगम, खेल विभाग आदि विभागों के समस्त प्रकार के पार्क, स्टेडियम व अन्य निजी पार्क प्रातः छह बजे से पूर्व नहीं खोले जाएंगे। इसके साथ ही वाराणसी के समस्त शासकीय, निजी कार्यालय, केंद्रीय सरकार व विभागों के कार्यालय,निजी चिकित्सालय, मॉल, होटल, रेस्टोरेन्ट, बड़े धार्मिक स्थल, दुकानों आदि पर (जहां ज्यादा संख्या में कर्मचारियों एवं जनता का आना-जाना होता हो) कोविड हेल्प डेस्क को लगाना अनिवार्य किया गया है। इस कोविड हेल्प डेस्क पर उत्तर प्रदेश शासन के चिकित्सा विभाग द्वारा निर्गत कोविड हेल्प डेस्क पोस्टर व सामान्य जानकारी के निर्देश का विवरण भी लगाना अनिवार्य किया गया है। डीएम ने बताया कि कोविड हेल्प डेस्क पर शिफ्टवार कर्मचारियों की ड्यूटी लगायी जायेगी, जो प्रत्येक आगंतुक का तापमान व ऑक्सीजन लेवल चेक करेंगे। कोविड हेल्प डेस्क पर तैनात कर्मचारी द्वारा नियमित रूप से मास्क एवं ग्लब्स पहना जाएगा तथा आगंतुकों से सम्पर्क करते समय न्यूनतम 2 गज की दूरी बनाए रखने की व्यवस्था की जाएगी। कोविड हेल्प डेस्क पर सैनिटाइजर, थर्मल रकैनर एवं पल्स आक्सीमीटर की उपलब्धता सुनिश्चित कराया जायेगा। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा के अनुसार प्रतिबंध की अवधि में जनसामान्य व उनके वाहनों का आवागमन व घर से बाहर निकलना व सभी व्यापारिक व व्यवसायिक गतिविधियों पर रोक लगाई गई है। चिकित्सा, नर्सिंग एवं पैरा मेडिकल संस्थानों को छोड़कर समस्त सरकारी, गैर सरकारी अथवा निजी विद्यालय, महाविद्यालय, शैक्षणिक संस्थान एवं कोचिंग संस्थान बंद रहेंगे। उन्होंने बताया कि केवल परीक्षा और प्रैक्टिकल परीक्षा के समय में विद्यालय या महाविद्यालय खोलने की छूट होगी। इस दौरान सभी अधिकारी व कर्मचारी मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे व मुख्यालय पर बने रहेंगे। जिलाधिकारी ने बताया कि परिवार के आंतरिक घरेलू सामाजिक आयोजनों और पारंपरिक धार्मिक आयोजनों को छोड़कर अन्य किसी भी प्रकार के राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक, त्योहार मिलन आदि उद्देश्यों के आयोजनों को प्रतिबंधित किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रातःकालीन दूध सप्लाई व सब्जी मंडी तथा रात्रि कालीन दवा की दुकानें इस प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे। निषेधाज्ञा आदेश के क्रम में रात्रि शिफ्ट के सरकारी कर्मचारी अपने पहचान पत्र के साथ और सभी शहर से गुजरने वाले मालवाहक वाहन प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन व एयरपोर्ट के यात्री अपनी टिकट के साथ प्रतिबंध से मुक्त होंगे। उन्होंने बताया कि किसी भी अधिकारी, कर्मचारी को उनके विभागाध्यक्ष व कार्यालयाध्यक्ष द्वारा त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन- 2021 ड्यूटी या कोविड ड्यूटी के लिए किसी भी समय बुलाया जाता है, तो तत्काल वह अधिकारी या कर्मचारी अपने कार्यालय में रिपोर्ट करेंगे। इन अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा अपना मोबाईल नम्बर हमेशा ऑन रखना होगा। आने वाले कॉल को रिसीव किया जायेगा। इसका उल्लंघन किये जाने पर सम्बन्धित के विरूद्ध कड़ी अनुशासनिक कार्यवाही की जायेगी। हिन्दुस्थान समाचार/श्रीधर