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उत्तर-प्रदेश

भाजपा के राजनीतिक अमावस्या के काल में संविधान खतरे में : अखिलेश यादव

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-सपा की अपील, देशवासी डॉ.अम्बेडकर की जयंती को 'दलित दीवाली' के रूप में मनायें लखनऊ, 08 अप्रैल(हि.स.)। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा उप्र के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने संविधान को भाजपा से खतरा बताया है। साथ ही उन्होंने देश - विदेश के लोगों से अपील की है कि डॉ.भीमराव अम्बेडकर की जयंती को 'दलित दीवाली' के रूप में मनायें। अखिलेश यादव ने गुरुवार को ट्वीट किया कि 'भाजपा के राजनीतिक अमावस्या के काल में वह संविधान खतरे में है, जिससे बाबा साहेब ने स्वतंत्र भारत को नयी रोशनी दी थी। इसलिए बाबासाहेब डॉ. भीमराव आम्बेडकर जी की जयंती 14 अप्रैल को समाजवादी पार्टी देश व विदेश में 'दलित दीवाली' मनाने का आह्वान करती है। पूर्व मुख्य्मंत्री ने अपने दूसरे ट्वीट में भारत के वीर सपूत, महान क्रान्तिकारी, अमर शहीद मंगल पांडेय के बलिदान दिवस पर उन्हें शत-शत नमन किया व विनम्र श्रद्धांजलि दी है। गौरतलब है कि डॉ. भीमराव अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को महू में सूबेदार रामजी शकपाल एवं भीमाबाई की चौदहवीं संतान के रूप में हुआ था। उनकी जयंती पर देशवासी जहां उनके व्यक्त्वि व कृतित्व को यादकर उनके बताये हुए रास्ते पर चलने का संकल्प लेंगे, वहीं बहुजन समाज पार्टी ने राजधानी लखनऊ समेत पूरे उत्तर प्रदेश में अपने कार्यकर्ताओं से कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करते हुए बाबा सहब की जयंती मनाने की अपील की है। भारतीय जनता पार्टी ने उनकी जयंती को सेवा सप्ताह के रूप में मनाने का संकल्प लिया है, तो सपा ने इसे दलित दीवाली के रूप में मनाने का आह्वान किया है। हिन्दुस्थान समाचार/राजेश / प्रभात ओझा