खुले में न करे कुर्बानी, सरकार के नियमों का करे पालन - शहर काजी
खुले में न करे कुर्बानी, सरकार के नियमों का करे पालन - शहर काजी
उत्तर-प्रदेश

खुले में न करे कुर्बानी, सरकार के नियमों का करे पालन - शहर काजी

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औरैया, 24 जुलाई (हि. स.)।शुक्रवार को क़ाज़ी ए शहर औरैया सैय्यद गुलाम अब्दुस्समद मियां चिश्ती ने प्रेस वार्ता में कहा कि कुर्बानी इस्लाम की निशानी और सुन्नत ए इब्राहीमी होने के साथ साथ सुन्नत ए मुहम्मदी भी है। इसीलिए ये कुर्बानी अल्लाह तआला के यहां बहुत महत्व रखती है। कुर्बानी के दिनों में प्रसन्नता पूर्वक कुर्बानी करने और कुर्बानी के लिए रुपए खर्च करने से ज़्यादा कोई भी चीज अल्लाह तआला के यहां प्रिय और पसंद नहीं, कुर्बानी क़यामत के दिन नरक में जाने से बचाएगी।कहा कि कुरबानी का जानवर क़यामत के दिन अपने बाल, सींगों और खुरों के साथ आकर पुल सिरात को पार कराने में सहायता करेगा। इतना ही नहीं कुर्बानी के जानवर के हर बाल के बदले नेकी लिखी जाती है इस लिए हर उस शख्स (स्त्री व पुरुष) पर जो मुसलमान, मुकीम (स्थाई निवासी), बालिग, आज़ाद होने के साथ -साथ मालिक ए निसाब भी हो अर्थात जिसके पास 612 ग्राम चांदी,87.48 ग्राम सोना या जो ज़रुरत के अलावा किसी ऐसी चीज का मालिक हो जिस की कीमत 612 ग्राम चांदी की कीमत (लगभग 32000 रुपए) के बराबर हो जाए उस पर कुर्बानी वाजिब है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि हर उस शख्स को इस इबादत को अदा करना चाहिए जिसमें यह शर्तें पाई जाती हों ताकि वह अल्लाह व रसूल की नाराज़गी से बचते हुए उन की रजामंदी हासिल करे। काजी ए शहर औरैया सैय्यद गुलाम अब्दुस्समद मियां चिश्ती ने देश के हालात को देखते हुए मुसलमानों से अपील करते हुए कहा कि सरकार ने कुर्बानी और ईदुल अजहा से संबंधित जो गाइड लाइन जारी की है उस का पालन करें और साथ ही कोई भी ऐसा काम न करें जिस से देश वासियों को किसी भी प्रकार की पीड़ा और ठेस पहुंचे, अंत में उन्होंने कहा कि सड़कों,आम रास्तों और मैदानों में कुर्बानी न करें बल्कि आड़ वाली जगह या चहारदीवारी में करें, भीड़ भाड़ इकट्ठा ना होने दें व सामूहिक कुर्बानी न करें, जानवर कुर्बानी करने के तुरंत बाद उसके मलवे को बस्ती से दूर किसी उचित स्थान पर गड्ढा खोद कर दफन कर दें, और कुर्बानी वाली जगह की तुरंत साफ सफाई कराएं, इस बात का मुख्य खयाल रखें कि कुर्बानी से संबंधित कोई भी फोटो और वीडियो बिल्कुल न बनाएं और सोशल मीडिया पर अपलोड करने से बचें। उन्होंने कहा कि तमाम मुसलमानों को इन बातों पर ज़रूर अमल करना चाहिए। हिन्दुस्थान समाचार/सुनील/मोहित-hindusthansamachar.in