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उत्तर-प्रदेश

मुख्यमंत्री ने वाराणसी के छात्र कपिल दुबे से किया वर्चुअल संवाद, बढ़ाया उत्साह

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-युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग "अभ्युदय योजना" की शुरूआत वाराणसी,15 फरवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग की अति महत्वाकांक्षी "अभ्युदय योजना" की विधिवत शुरुआत कर इसे युवाओं को समर्पित कर दिया। कोचिंग में पढ़ाई 16 फरवरी से शुरू होगी। अभ्युदय योजना के अंतर्गत छात्रों को ऑनलाइन स्टडी मटैरियल देने के साथ ऑफलाइन कक्षाएं भी चलाई जायेंगी। कोचिंग के शुभारंभ के बाद मुख्यमंत्री ने वाराणसी के चयनित छात्र कपिल दुबे से वर्चुअल संवाद कर जमकर उत्साह बढ़ाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय मनीषा में धर्म को कर्तव्य से जोड़कर देखा गया है। लोगों के अभ्युदय का जो मार्ग प्रशस्त करें वह धर्म है। छात्र कपिल ने मुख्यमंत्री से सवाल करते हुए पूछा कि आपके मन में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए अभ्युदय का ख्याल कैसे आया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना कॉल के दौरान राजस्थान कोटा में फंसे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र- छात्राओं की अपने अपने घरों पर पहुंचने की तड़प को देखकर हुई। तभी उनके मन में भाव आया था कि अपने प्रदेश में ही यदि बच्चों के घरों के आसपास ही तैयारी करने की कोचिंग की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। आज यह मूर्त रूप ले लिया है। मुख्यमंत्री ने कपिल के अलावा गोरखपुर की साक्षी पांडेय, प्रयागराज के शिष्या सिंह राठौर, मेरठ के हिमांशु बंसल तथा लखनऊ की प्रियांशी मिश्रा एवं अनामिका सिंह से संवाद किया और उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता पाने के लिए शुभकामनाएं भी दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि अभ्युदय योजना की शुरुआत अभी प्रदेश के 18 मंडल मुख्यालयों पर किया गया है, जिसका आगे जिला स्तर पर भी विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की पंक्ति का उद्धरण करते हुए कहा कि छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता और टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था पर प्रदेश सरकार विशेष ध्यान दे रही है। 90 हजार प्राथमिक विद्यालयों को कायाकल्प योजना से जोड़ा गया है। उत्तर प्रदेश प्रतिभाओं की धरती है, तो हमारे प्रतिभाशाली बच्चे प्रतियोगी परीक्षाओं में कैसे पिछड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि अभ्युदय योजना के प्रथम चरण में 50 हजार बच्चों का सेलेक्शन हुआ है। जिन बच्चों का सिलेक्शन अभी नहीं हुआ है, उनको निराश होने की जरूरत नहीं है। क्योंकि उनके लिए भी वर्चुअल व्यवस्था होगी। इस कोचिंग सेंटर में पढ़ने वाले बच्चों का साप्ताहिक और मासिक परीक्षा भी होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अभ्युदय एक कोचिंग सेंटर मात्र नहीं है, यह जीवन निर्माण की एक नई शुरुआत है। ओडीओपी की तर्ज पर अभ्युदय योजना को भी लोकप्रिय बनाएंगे। आगे आने वाले समय में हर प्रतियोगी परीक्षा को इससे जोड़ेंगे। बताते चले, इस महत्वाकांक्षी अभ्युदय योजना वेबसाइट को इतने कम समय में ही 40 लाख लोगों ने देखा है और 6 लाख से अधिक लोगों ने अपना पंजीकरण किया है। सरकार ने आईएएस, आईपीएस, पीसीएस, एनडीएस, सीडीएस, नीट और जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के तैयारी के लिए अभ्युदय योजना आरंभ की है। इस अवसर पर कमिश्नर दीपक अग्रवाल, जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी मधुसूदन हुलगी सहित अन्य अधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर विधिवत कार्यक्रम की शुरुआत की। अधिकारी द्वय ने मौके पर उपस्थित छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि वह सौभाग्यशाली है कि उनको प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने हेतु उच्चस्तरीय कोचिंग की सुविधा प्रदेश सरकार द्वारा मुहैया कराया जा रहा है। कमिश्नर, डीएम के साथ-साथ जिले के अन्य आईएएस, आईपीएस, पीसीएस, पीपीसीएस सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी सीधे क्लास लेंगे और छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में मदद करेंगे। हिन्दुस्थान समाचार/श्रीधर/दीपक-hindusthansamachar.in