जिला पंचायत की अरतरा सीट पर भाजपा प्रत्याशी को मिली जीत

जिला पंचायत की अरतरा सीट पर भाजपा प्रत्याशी को मिली जीत
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हमीरपुर, 04 मई (हि.स.)। विकासखंड मौदहा के चार वार्डों में हुए जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में राजनैतिक पार्टियों के मठाधीशों को निर्दलीय प्रत्याशियों ने धूल चाटने को विवश कर दिया। यहां अरतरा जिला पंचायत सीट से ही केवल भाजपा समर्थित प्रत्याशी विजय पांडे ने 6542 मत पाकर समाजवादी पार्टी के शिव शरण सिंह (3606 मत) को भारी अंतर से हरा दिया, जबकि इसी सीट से अनूप सिंह ने 2570 मत, लेखराम ने 2315 मत व शिव प्रसाद ने 2209 मत पाये। बताते चलें कि इतिहास में पहली बार अरतरा सीट से कोई ब्राह्मण जिला पंचायत सदस्य पद पर चुना गया है। सिसोलर जिला पंचायत सीट से निर्दलीय प्रत्याशी संध्या पांडे ने 2831 मत पाकर अपने निकटतम निर्दलीय प्रत्याशी प्रभा यादव (2403 मत) को काफी जद्दोजहद के बाद हराने में सफलता प्राप्त की। इस सीट पर भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी शांति सिंह व सपा के अधिकृत प्रत्याशी राजकुमारी को बुरी तरह हार का मुंह देखना पड़ा। यहां की जनता ने दोनों पार्टियों के प्रत्याशियों को नकारते हुए निर्दलीय प्रत्याशियों पर अपना विश्वास जताया है।भा जा पा की शांति सिंह को 1946 वोटों पर ही संतोष करना पड़ा। जिला पंचायत सीट से भी पहली बार ब्राह्मण प्रत्याशी जीता है। उधर इंगोहटा जिला पंचायत सीट में मतगणना शुरू होने के बाद से ही बढ़त बनाए सपा अधिकृत प्रत्याशी नईम खान अंतिम समय पर निर्दलीय प्रत्याशी दुष्यंत सिंह से हार गये। इस चुनाव में दुष्यंत सिंह को 5167 मत मिले जबकि नईम को 4167 मत ही मिल सके। इस सीट पर भी भाजपा को हार नसीब हुई। इसी सीट से काफी दमखम से चुनाव लड़ रहे हरिशरण सिंह को 2904 मतों पर संतोष करना पड़ा। इधर कुन्हेटा जिला पंचायत सीट पर भाजापा, सपा व बसपा को मुंह की खानी पड़ी। यहां भी निर्दलीय प्रत्याशी दिनेश सिंह उर्फ पप्पू सिंह ने बसपा प्रत्याशी माया दीक्षित को हरा सीट पर कब्जा कर लिया। इसी सीट से चुनाव लड़ रहे सपा के अधिकृत प्रत्याशी रईस अहमद को भी हार का मुंह देखना पड़ा। अवगत हो कि क्षेत्र की चारों सीटों में से भाजपा के खाते में मात्र एक सीट गई है। इसके अलावा तीनों सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने बाजी मार ली है चुनाव परिणाम आने के बाद अब जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने की कवायद शुरू हो गई है। ऐसी स्थिति में यदि अब भाजपा को अपना अध्यक्ष बनाना है तो उसे साम दाम दंड भेद व अन्य कोशिशें करनी पड़ सकती है। अब जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी अन्य सदस्यों को अपने पक्ष में करने के लिए हर जरूरी प्रयास करने में पीछे नहीं हट रहे हैं। हिन्दुस्थान समाचार/ पंकज/