मेडिकल कालेज के लिए बलिया में जमीन की कमी नहीं, भाजपा सरकार में फैसला लेने का अभाव : नारद
मेडिकल कालेज के लिए बलिया में जमीन की कमी नहीं, भाजपा सरकार में फैसला लेने का अभाव : नारद
उत्तर-प्रदेश

मेडिकल कालेज के लिए बलिया में जमीन की कमी नहीं, भाजपा सरकार में फैसला लेने का अभाव : नारद

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- सपा नेता पूर्व मंत्री नारद राय ने कहा, भाजपा सरकार की प्राथमिकता में नहीं है बलिया बलिया, 27 जुलाई (हि.स.) समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री नारद राय ने सोमवार को प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा। मुख्यमंत्री रविवार को जिले में कोरोना से पैदा हुए हालात की समीक्षा करने आए थे। नारद राय ने प्रेस को जारी एक बयान में कहा कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान जिले के छात्रनेताओं के साथ जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन द्वारा की गई बर्बरता निंदनीय है। कहा कि जो बात मुख्यमंत्री बलिया आकर लाखों रूपया खर्च करके कह गये, वह बात तो वे लखनऊ से भी कह सकते थे। पिछले साल भी मुख्यमंत्री बाढ़ देखने बैरिया आये थे। मंच से बहुत घोषणाएं हुईं, लेकिन मौके पर आज भी कुछ नहीं हुआ। जिले में मेडिकल कालेज निर्माण को लेकर जिस तरह से मुख्यमंत्री ने जवाब दिया है, वह हैरान करने वाली बात है। कहा कि मैं भाजपा सरकारों की प्राथमिकताओं वाले जिलों में बलिया का नाम नहीं है। श्री राय ने कहा कि जिले में जमीन का अभाव नहीं है। सरकार में फैसला लेने का अभाव है। कहा कि जहां मुख्यमंत्री बैठक कर कर रहे थे। ठीक उसके बगल में पूर्व अखिलेश यादव ने मेडिकल कालेज खोलने की बात कही थी। तब जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय को दी गयी जमीन के बाद बची हुई जमीन का प्रस्ताव जिले के सभी जनप्रतिनिधियों के अनुरोध पर ट्रस्ट एवं जिला प्रशासन की सहमति भी हो गयी थी। श्री राय ने कहा कि बलिया में मेडिकल कालेज बनेगा, जब 2022 में अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बनेंगे। सवालिया लहजे में कहा कि कल मुख्यमंत्री ने क्या दिया और क्या देखा यह समझ में नहीं आया। उन्होंने एल-1 अस्पताल बसन्तपुर, एल-1 फेफना व एल-1 शान्ति हास्पीटल शंकरपुर को नहीं देखा और ना ही वहां स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने के लिए कोई धनराशि स्वीकृत किया। जिला अस्तपाल, जहां कागज में कोविड-19 के लिए एल 2 अस्पताल बनाया गया है, वहां मुख्यमंत्री का निरीक्षण एक कोरम था। बल्कि अस्पताल आने का कारण कुछ और था। श्री राय ने कहा कि अच्छा होता कि मुख्यमंत्री जानकारी करते कि जिले में कितने डाक्टर, नर्स, वार्ड ब्याय, टेक्निशियन व दवाई चाहिए। इसके बाद वे जरूरत के मुताबिक सुविधाओं के घोषणा करते, लेकिन मुख्यमंत्री के दौरा का मकसद क्या था यह सोच से परे है। श्री राय ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री को जनपद में गंगा एवं घाघरा नदियों से हो रहे कटान एवं तबाही के बारे में भी समीक्षा करनी चाहिए थी। हिन्दुस्थान समाचार/पंकज/राजेश-hindusthansamachar.in