श्रावणी पूर्णिमा पर महंत आवास में बाबा विश्वनाथ के झुलनोत्सव श्रृंगार की तैयारी शुरू
श्रावणी पूर्णिमा पर महंत आवास में बाबा विश्वनाथ के झुलनोत्सव श्रृंगार की तैयारी शुरू
उत्तर-प्रदेश

श्रावणी पूर्णिमा पर महंत आवास में बाबा विश्वनाथ के झुलनोत्सव श्रृंगार की तैयारी शुरू

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-झूला की विधि विधान से पूजा, शनि प्रदोष पर बाबा को फलाहार का लगा भोग वाराणसी, 01 अगस्त (हि.स.)। काशी पुराधिपति बाबा विश्वनाथ को अतिशय प्रिय माह सावन के श्रावणी पूर्णिमा रक्षाबंधन पर्व पर बाबा के साथ आदिशक्ति पार्वती और भगवान गणेश के विग्रह का झूला श्रृंगार खास तौर पर होता है। परम्परा को निभाने के लिए शनिवार को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी के टेढ़ी नीम स्थित आवास पर झुलनोत्सव श्रृंगार की तैयारी शुरू हो गई है। महंत आवास में नव निर्मित झूला का विधी विधान से पूजा किया गया। महंत डॉ. तिवारी, शिवाचार्य महंत डॉ. ज्योति शंकर त्रिपाठी, राजन भूषण, मं.मणिशंकर व पुरोहित अभिषेक ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच झूला पूजन किया। शनि प्रदोष पर बाबा के पंचबदन रजत प्रतिमा को फलाहार का भोग लगाया गया। इस दौरान शहनाई वादक महेन्द्र प्रसन्ना ने बाबा को शहनाई के धुन से कजरी भी सुनाई। इस संबंध में डॉ. कुलपति तिवारी ने बताया कि लोक मान्यता है कि श्रावण पूर्णिमा के दिन बाबा विश्वनाथ की पंचबदन रजत प्रतिमा सपरिवार झूला झूलते हैं। काशी वासी बाबा को झूला झुलाते हैं। झूला झूलने से शिव परिवार प्रसन्न होकर रोग, व्याधि, सूखा, बाढ़, अकाल और महामारी से मुक्ति देते हैं। उन्होंने बताया कि बाबा को झूला झुलाने के पूर्व विशेष पूजन के बाद रविवार को काशी के दिग्गज कलाकार उन्हें कजरी सुनायेंगे। महंत ने बताया कि मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी गौरांग राठी ने भी तैयारियों का जायजा लिया। उल्लेखनीय है कि पूर्व महंत कुलपति तिवारी के आवास पर बाबा विश्वनाथ, मां पार्वती, प्रथमेश गणेश और कार्तिक के रजत पंचबदन प्रतिमा का विधि-विधान से पूजन अर्चन के बाद पांच मुख वाले साढ़े तीन सौ साल से भी पुराने बाबा की पंचबदन प्रतिमा को गुलाब के फूलों से खास श्रृंगार कर शाही झूला को महंत आवास से मन्दिर परिसर में लाने की परम्परा रही है। लेकिन, अब विश्वनाथ कॉरिडोर में महंत आवास का अधिग्रहण हो गया है। महंत परिवार टेढ़ी नीम स्थित गेस्ट हाउस में रहकर परम्परा के निर्वहन में लगा हुआ है। हिन्दुस्थान समाचार/श्रीधर/संजय-hindusthansamachar.in