अयोध्या में मस्जिद निर्माण के लिए गठित ट्रस्ट गैर संवैधानिक : अमरनाथ
अयोध्या में मस्जिद निर्माण के लिए गठित ट्रस्ट गैर संवैधानिक : अमरनाथ
उत्तर-प्रदेश

अयोध्या में मस्जिद निर्माण के लिए गठित ट्रस्ट गैर संवैधानिक : अमरनाथ

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-अयोध्या सदभावना समिति ने गृहमंत्री से पत्र लिखकर की हस्ताक्षेप की मांग लखनऊ, 30 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की ओर से अयोध्या में मस्जिद निर्माण के लिए गठित ट्रस्ट पर अयोध्या सदभावना समिति ने ऐतराज जताया है। समिति ने गृहमंत्री को पत्र लिख कर इस मामले में हस्ताक्षेप करने की मांग की है। समिति के अध्यक्ष डॉ. अमरनाथ मिश्रा ने गुरुवार को यहां कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड द्वारा अयोध्या में मस्जिद निर्माण के लिए गठित ट्रस्ट 'इन्डो इस्लामिक कल्चर्लर फाउण्डेशन' गैर संवैधानिक है। बोर्ड का काम सिर्फ मुतवल्ली नियुक्त करना है। डॉ. मिश्रा ने कहा कि मस्जिद के नाम पर अयोध्या को मक्का नहीं बनने देंगे। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुन्नी वक्फ बोर्ड को दी गयी जमीन पर जो मस्जिद बने उसका नाम भगवान श्रीराम के नाम पर मस्जिदे इमामे हिन्द रखा जाये, क्योंकि मुसलमान भी भगवान श्रीराम को इमामे हिन्द मानते हैं और जिसका शिलान्यास भी प्रधानमंत्री करें। जैसे कि वक्फ बोर्ड के चेयरमैन जफर फारूकी ने जो इन्डो इस्लामिक कल्चर्लर फाउण्डेशन ट्रस्ट बनाया है, इनको यह ट्रस्ट बनाने का अधिकार किसने दिया? उन्होंने कहा कि जफर फारूकी इस ट्रस्ट के जरिए वहाबी (कटटरपंथी) विचारधारा का प्रचार प्रसार करना चाहते हैं, जिससे वहां के भोले भाले मुस्लमानों को यह सिखाया जा सके कि कौन काफिर है और उनके साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए पर हम ऐसा नहीं होने देंगे। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड द्वारा बनायेे गये ट्रस्ट में अधिकतर आजम खान के लोग हैं। गौर करने वाली बात यह है कि बाबरी मास्जिद मामले के मुख्य पक्षकार इकबाल अंसारी का इस ट्रस्ट में कही भी कोई नाम नहीं है, क्योंकि इकबाल अंसारी शुरू से ही मन्दिर के पक्ष में है। समिति ने गृहमंत्री को पत्र लिख कर इस मामले में हस्ताक्षेप करने की मांग की है। हिन्दुस्थान समाचार/दीपक/उपेन्द्र-hindusthansamachar.in