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उत्तर-प्रदेश

औरैया : सपा एमएलसी कमलेश पाठक के विद्यालय को जिला प्रशासन ने कराया ध्वस्त

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- अधिवक्ता व उसकी बहन की हत्या के मामले में जेल में निरूद्ध है एमएलसी व उनके भाई औरैया, 04 अप्रैल (हि.स.)। जनपद के सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला बनारसीदास में रविवार को जिला प्रशासन द्वारा एक बड़ी कार्यवाही की गई, जिसमें समाजवादी पार्टी के एमएलसी डॉ कमलेश पाठक के विद्यालय पर जेसीबी चलाकर ध्वस्त कर दिया गया। जिला प्रशासन का कहना है कि एमएलसी द्वारा अवैध रूप से कब्जा करते हुए यहां पर निर्माण कराया गया था, जिसे न्यायालय के आदेश के बाद गिराया जा रहा है। शहर के मोहल्ला बनारसीदास में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब अचानक रविवार भारी पुलिस बल जनक दुलारी इंटर कॉलेज के पास पहुची। इस बीच स्थानीय लोगों में मामले की जानकारी करने को लेकर उत्सुकता दिखाई दी। वह लोग अपने-अपने घरों के दरवाजों पर खड़े हो गए, इस बीच पुलिस प्रशासन ने उन्हें घरों के अंदर भेज दिया। इसके थोड़ी ही देर बाद दो जेसीबी मशीनें भी आ गई। इस पर आसपास के लोगों के कान खड़े हो गए, देखते ही देखते प्रशासनिक अमला भी जनक दुलारी इंटर कॉलेज के पास पहुंच गया। जहां पर जिला प्रशासन द्वारा जेसीबी चालकों को आदेश दिया गया कि गाटा संख्या 291क, 293ग एवं 291ख में कमलेश पाठक पुत्र राम अवतार निवासी औरैया द्वारा किए गए अवैध कब्जे को ध्वस्त कर दिया जाए। इसके उपरांत जेसीबी द्वारा निर्माण ध्वस्त किए जाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। देखते ही देखते जेसीबी चालकों ने अवैध रूप से बनाए गए भवन को जमींदोज कर दिया। वही, इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य द्वारा अपर जिला अधिकारी रेखा एस चौहान से निवेदन किया गया कि यदि विद्यालय का यह हिस्सा ध्वस्त हो जाएगा तो बच्चों की पढ़ाई में व्यवधान उत्पन्न होगा। लेकिन अपर जिलाधिकारी द्वारा न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए कार्यवाही में व्यवधान न डाले जाने की बात कही। इस संबंध में जानकारी देते हुए अपर जिला अधिकारी रेखा एस चौहान ने बताया कमलेश पाठक पुत्र राम अवतार द्वारा किए गए अवैध कब्जे को बेदखल कर दिया गया है तथा उनसे 3 लाख 75 हजार रुपये क्षतिपूर्ति तथा निष्पादन व्यय आरोपित किया जाता है। उन्होंने बताया क्षति पूर्ति वसूली के लिए कमलेश पाठक को नोटिस जारी किया जाएगा। बताया कि उक्त भूमि बंजर के रूप में सरकारी अभिलेखों में दर्ज हैं। जिस पर करीब तीन वर्ष से स्पा एमएलसी कमलेश पाठक अवैध कब्जा किए हुए हैं। अतिक्रमण कर्ता की ओर से 14 दिसंबर 2020 को आपत्ति प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था। जिसमें आपत्ति करने हेतु एक माह का अवसर चाहा गया था। मगर एक माह का अवसर बीत जाने पर भी आपत्ति प्रस्तुत नहीं की गई। इसलिए न्यायालय ने भवन को ध्वस्त कर भूमि को अपने कब्जे में लेने के आदेश जारी कर दिए। इस कार्यवाही को लेकर समाजवादी पार्टी के एमएलसी डॉक्टर कमलेश पाठक के पुत्र डॉक्टर तिलकराज पाठक ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा यह कार्रवाई विद्वेष भावना से की जा रही है। बताया कि भूमि के सभी कागजात उनके पास उपलब्ध है। यही नहीं जिला प्रशासन ने उन्हें कोई भी नोटिस जारी नहीं किया है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जिसकी तारीख 6 अप्रैल निर्धारित थी उसे जिला प्रशासन ने अपनी ताकत का इस्तेमाल करते हुए 25 फरवरी दिखाकर निरस्त कर दिया। कहा कि भवन गिराए जाने की प्रक्रिया पूरी तरह से राजनीतिक विद्वेष के कारण हुई है। उन्होंने कहा कि वह इस बारे में न्यायालय में अपील करेंगे। हिन्दुस्थान समाचार/ सुनील