नई शिक्षा नीति देश के भाषीय ढांचे की शिक्षा में करेगी बड़ा सुधार : अरुण सोलंकी
नई शिक्षा नीति देश के भाषीय ढांचे की शिक्षा में करेगी बड़ा सुधार : अरुण सोलंकी
उत्तर-प्रदेश

नई शिक्षा नीति देश के भाषीय ढांचे की शिक्षा में करेगी बड़ा सुधार : अरुण सोलंकी

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मेरठ, 31 जुलाई (हि.स.)। लगभग तीन दशक बाद केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई नई शिक्षा नीति को विद्या भारती ने ’देश हित-शिक्षा हित’ करार दिया है। शिशु शिक्षा समिति के प्रांतीय अध्यक्ष डाॅ. अरुण सोलंकी ने कहा कि नई शिक्षा नीति देश में अभी तक परोक्ष रूप से चली आ रही मैकाले की शिक्षा नीति को समूल नष्ट करने की ओर पहला कदम है। शास्त्रीनगर स्थित बालेराम ब्रजभूषण सरस्वती शिशु मंदिर इंटर काॅलेज में शिशु शिक्षा समिति के प्रांतीय अध्यक्ष डाॅ. अरुण सोलंकी, विद्या भारती के प्रांत प्रचार प्रमुख डाॅ. नीरज शर्मा, विद्या भारती के जिला प्रमुख अरुण जिंदल और कृष्ण कुमार शर्मा ने प्रेस वार्ता की। उन्होंने बताया कि छह साल तक शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों, विचारकों, शैक्षिक नेतृत्वकर्ताओं, प्रशासकों और अन्य शिक्षा क्षेत्र के हितग्राहियों के परामर्श के बाद नई शिक्षा नीति लागू की गई है। इसके लिए भौगोलिक क्षेत्रफल की दृष्टि से एक लाख गांवों तक संपर्क, संवाद, सेमिनार, कार्यशालाओं व चर्चा की गई। यह शिक्षा नीति अपने उद्देश्य में सफल रहेगी। इस शिक्षा नीति का उद्देश्य शिक्षा को पूर्व प्राथमिक से सीनियर सेकेंडरी तक समग्र बनाने और उसे व्यावसायिक शिक्षा के साथ जोड़ना है। शिशु परिचर्या एवं शिक्षा को व्यवस्थित स्वरूप देने से वह सीखने का आधार बनेगी। नई शिक्षा नीति से शिक्षा क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन आएगा। विद्या भारती इस शिक्षा नीति का समर्थन करती है। राष्ट्र हित में सभी संस्थानों, शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों, शैक्षिक चिंतकों, अध्येताओं और प्रशासकों को इस राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन में वांछित सहयोग करना चाहिए। हिन्दुस्थान समाचार/कुलदीप/दीपक-hindusthansamachar.in