पूर्व मंत्री अंगद यादव एवं अन्य की जमानत अर्जी खारिज
पूर्व मंत्री अंगद यादव एवं अन्य की जमानत अर्जी खारिज
उत्तर-प्रदेश

पूर्व मंत्री अंगद यादव एवं अन्य की जमानत अर्जी खारिज

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प्रयागराज, 31 जुलाई (हि.स.)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्व मंत्री व विधायक अंगद यादव व आलोक यादव की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। इन पर दिनदहाड़े राज नारायण सिंह की हत्या व षड्यंत्र करने का आरोप है। पुलिस चार्जशीट पर एमपी एमएलए विशेष न्यायालय प्रयागराज में मुकदमा चल रहा है। कोर्ट ने विशेष अदालत को कोर्ट चलने लगे तो छह माह के भीतर आपराधिक मुकदमे का निपटारा करने का निर्देश दिया है।एसएसपी प्रयागराज व एसपी आजमगढ़ को गवाहों के बुलाये जाने पर उनकी कोर्ट में पेशी सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति जे जे मुनीर ने जमानत अर्जी खारिज करते हुए दिया है। मृतक की विधवा सुधा सिंह ने 19 दिसंबर 15 की सुबह 7 बजे अपने पति की गोली मारकर हत्या करने की आजमगढ़ के सिधारी थाने में एफआईआर दर्ज करायी। जिसमे अंगद यादव, सुनील सिंह, अरूण यादव, शैलेश को नामजद किया गया है। विवेचना के दौरान सुधा सिंह की बहन प्रभा सिंह के इस बयान पर कि आलोक भाग चलो, काम हो गया है। इसके आधार पर आलोक यादव पर भी हत्या में लिप्त होने का आरोप लगाया गया है। याची अधिवक्ता राजीव लोचन शुक्ल का कहना था कि अंगद यादव की दूसरी जमानत अर्जी है। उनकी पहली अर्जी इस आधार पर खारिज कर दी गयी थी कि याची गवाहों की प्रतिपरीक्षा नहीं होने दे रहा है। किन्तु गवाहों को अभियोजन पक्ष ही पेश नहीं कर रहा है और विचारण शीघ्र होने की संभावना नहीं है। केवल षड्यंत्र का आरोप है और वह साढे़ चार साल से जेल में बंद है। अंगद 25 दिसंबर 15 से जेल में बंद है और आलोक यादव 26 जनवरी 19 से बंद है। अर्जी का विरोध अपर महाधिवक्ता विनोद कान्त ने किया। इनका कहना था कि याची हिस्ट्रीशीटर है। अंगद पर आठ आपराधिक मामले दर्ज हैं। भय के कारण गवाह नहीं आते। अपराध गंभीर है। अर्जी निरस्त की जाय। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को जमानत पर छोड़ने का आदेश देने से इंकार कर दिया और अर्जी खारिज कर दी है। हिन्दुस्थान समाचार/आर.एन/दीपक-hindusthansamachar.in