कोरोना के चलते सेनेटाइज किए जाएंगे उप्र के सभी 1925 कोल्डस्टोरेज

कोरोना के चलते सेनेटाइज किए जाएंगे उप्र के सभी 1925 कोल्डस्टोरेज
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-दिन में रोज दो बार सेनेटाइज किए जा रहे मंडी स्थल के चबूतरे -गेंहू खरीद के दौरान हर मंडी में हो रहा कोविड प्रोटोकाल का पालन -मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर शुरु हुई सूबे में सेनेटाइजेशन की यह पहल लखनऊ, 15 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण से बचाव के लिये योगी सरकार टीकाकरण और इलाज के अलावा गांव, शहर से लेकर मंडी स्थलों और कोल्ड स्टोरेज को सेनेटाइज करने पर भी जोर दे रही है। इसी के तहत अब प्रदेश के सभी कोल्ड स्टोरेज को सेनेटाइज किया जाएगा। इसी के साथ गेहूं बेचने मंडी में पहुंच रहे किसानों को कोरोना के संक्रमण से बचाने के लिए हर दिन मंडी के चबूतरे को दो बार सेनेटाइज किया जाएगा। उद्यान विभाग और मंडी परिषद के उच्चाधिकारियों ने इस संबंध में जिले के अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। सरकार का प्रयास है कि आलू तथा गेहूं उत्पादक किसानों को हर हाल में कोरोना संक्रमण से बचाया जाए और इसके लिए हर जरूरी इतजाम किए जाएं। प्रदेश के उद्यान निदेशक आरके तोमर ने सूबे के सभी 1925 कोल्डस्टोरेज को सेनेटाइज करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए हैं। तोमर के अनुसार इस बार राज्य में 160 लाख टन से भी अधिक आलू का उत्पादन हुआ है, जिसमें से करीब 120 लाख टन आलू कोल्डस्टोरेज में पहुंच चुका है। इसकी सुरक्षा के लिए कोल्डस्टोरेज को सेनेटाइज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी कोल्डस्टोरेज को सेनिटाइज कर संचालित करने की प्रक्रिया शुरु कर दी गई है। अधिकारियों का मानना है कि कोल्डस्टोरेज को सेनेटाइज करने से आलू के भंडारण और निकासी में कोई समस्या नहीं आने पाएगी। दिन में दो बार सेनेटाइज हो रहे मंडी के चबूतरे इसी तरह से सूबे में मंडी परिषद द्वारा संचालित 251 मंडियों में से 220 मंडियों में गेहूं की खरीद हो रही है। इन मंडियों में गेहूं लेकर पहुंच रहे किसानों को कोरोना के संक्रमण से बचाने के लिए मंडी के चबूतरे को दिन में दो बार सेनेटाइज करने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा हर मंडी में कोविड डेस्क बनाई गई है। मंडी में बिना मास्क के किसी को भी आने पर रोक है, जो किसान मास्क लगाकर नहीं आते हैं उन्हें इस डेस्क के जरिए मास्क उपलब्ध कराया जा रहा है। मंडी में शारीरिक दूरी का पालन करते हुए गेंहूं की खरीद हो रही हो। सब्जी और फल लेकर आने वाले व्यापारियों से भी कोरोना प्रोटोकाल का पालन कराया जा रहा है। गेहूं खरीद में बन रहा रिकार्ड राज्य सरकार के एक प्रवक्ता का कहना है कि प्रदेश में एक अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू की गई है। अभी 14 दिन ही बीते हैं कि एक लाख 80 हजार मैट्रिक टन गेहूं खरीद का रिकार्ड बन गया है। इस रिकार्ड को बनाने के साथ ही किसानों को भुगतान के मामले में योगी सरकार ने पिछली सरकारों को बहुत पीछे छोड़ दिया है। प्रवक्ता ने बताया कि धान खरीद के मामले में भी योगी सरकार नए कीर्तिमान स्थापित कर चुकी है। सरकार ने 2553804 धान किसानों को 23328.80 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया है, जो कि प्रदेश में अब तक का रिकार्ड है। उन्होंने बताया कि आंकड़ों के मुताबिक योगी सरकार ने चार साल के कार्यकाल में 3345065 किसानों से कुल 162.71 लाख मी. टन गेहूं की खरीद की। प्रदेश में सबसे ज्यादा 24256 क्रय केंद्रों के जरिये खरीदे गए गेहूं के लिए राज्य सरकार ने किसानों को कुल 29017.71 करोड़ रुपये का रिकार्ड भुगतान किया है। कुल मिलाकर सूबे की सरकार किसानों द्वारा मेहनत से उगाई गई फसल का समय से भुगतान करने के साथ ही किसानों की कोरोना से सुरक्षा का प्रबन्ध भी करने में जुटी है। जिसके चलते कोल्डस्टोरेज और मंडी स्थलों को सेनेटाइज किया जा रहा है। हिन्दुस्थान समाचार/ पीएन द्विवेदी