न्यायाल में वकीलों के प्रवेश वर्जित करने पर अधिवक्ताओं ने किया धरना प्रदर्शन

न्यायाल में वकीलों के प्रवेश वर्जित करने पर अधिवक्ताओं ने किया धरना प्रदर्शन
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कानपुर देहात, 07 जून (हि.स.)। जनपद के वकीलों को कोरोना कॉल में हुए लॉक डाउन के दौरान न्यायालय में जाने की अनुमति नहीं दी गई थी। जिसके बाद से पूरा काम वर्चुअल तरीके से हो रहा था। अब लॉक डाउन खुलने के बाद भी यह नियम लागू है जिसको लेकर बार और लॉयर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने न्यायालय के बाहर बैठकर धरना दिया। मुख्य न्यायाधीश ने तीन दिनों का समय देकर वकीलों का धरना शांत कराया। कोरोना की दूसरी लहर आते ही एक बार फिर से प्रदेश में लॉक डाउन लगा दिया गया था। सभी सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों को अनिश्चित काल के लिए बन्द कर दिया गया था। इसी दौरान हाई कोर्ट द्वारा प्रदेश के सभी न्यायालयों में कार्यों को वर्चुअल माध्यम से करने के निर्देश दिए थे और वकीलों का न्यायालय में प्रवेश फिलहाल रोक दिया गया था। जनपद में अब लॉक डाउन खुल चुका है और कोरोना के केस भी न के बराबर हैं कई प्राइवेट और सरकारी संस्थानों को शर्तों के आधार पर खोल भी दिया गया है पर न्यायाल में अभी भी वही नियम लागू है। इससे वकीलों को वाद दाखिल करने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जनपद के लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्र मिश्रा, महामंत्री जय प्रकाश यादव, लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संपत लाल यादव, महामंत्री अरविंद सिंह और एकीकृत बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री शशिभूषण सिहं चौहान की अगुवाई में न्यायालय के गेट पर वकीलों ने धरना प्रदर्शन किया। पूर्व महामंत्री शशिभूषण ने बताया कि इस नियम से सभी अधिवक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जिसको लेकर उन्होंने यह धरना किया है। उनकी मुलाकात माननीय जिला जज मनोज कुमार झा से हुई है और उन्हें ज्ञापन दिया है। जिला जज ने तीन दिनों का समय इस समस्या को दूर करने के लिए मांगा है। तीन दिन बाद इस समस्या का कोई निष्कर्ष नहीं निकला तो आंगे के लिए योजना बनाई जाएगी। हिन्दुस्थान समाचार/अवनीश