अधिवक्ता परिषद का उद्देश्य गरीब, असहाय, बेसहारा लोगों को न्याय दिलाना - ग्रीश चन्द्र पाण्डेय
अधिवक्ता परिषद का उद्देश्य गरीब, असहाय, बेसहारा लोगों को न्याय दिलाना - ग्रीश चन्द्र पाण्डेय
उत्तर-प्रदेश

अधिवक्ता परिषद का उद्देश्य गरीब, असहाय, बेसहारा लोगों को न्याय दिलाना - ग्रीश चन्द्र पाण्डेय

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फिरोजाबाद, 23 जुलाई (हि.स.)। अधिवक्ता परिषद उत्तर प्रदेश के 29वें स्थापना के अवसर पर गुरूवार को वर्जुअल कार्यक्रम का आयोजन जनपद न्यायालय परिसर स्थित अधिवक्ता सभागार में हुआ। जिसमें भारी संख्या में अधिवक्ता परिषद के पदाधिकारियों व सदस्यों ने भाग लिया। वर्चुअल कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में अधिवक्ता परिषद के प्रान्तीय उपाध्यक्ष ग्रीश चन्द्र पाण्ड़ेय ने अधिवक्ता परिषद के गठन का उद्वेश्य, इसके प्रमुख कार्य आदि पर विस्तार से चर्चा करते हुये कहा कि लोग जव संकट की घड़ी में होते हैं, चारों तरफ से निशान व हताश हो जाते है। जब उन्हें न्याय की उम्मीद नही लगती है तव वह अधिवक्ता की तरफ उम्मीद भरी नजरों से देखते है। इसलिये प्रत्येक अधिवक्ता का नैतिक दायित्व है कि वह ऐसे संकट को व्यक्ति को न्याय दिलाये। उन्होंने कहा कि वर्ष 1991 में जब राम मंदिर आन्दोलन चल रहा था। कारसेवकों पर अन्याय एवं अत्याचार हो रहा था उसके खिलाफ कोई आवाज नहीं उठा पा रहा था तब संघ ने यह महसूस किया कि कार सेवकों को न्याय दिलाने के लिये एक ऐसे संकठन की आवश्यकता है जो कारसेवकों की न्यायालय में उचित पैरवी कर उन्हें न्याय दिला सके। तब अधिवक्ता परिषद का गठन किया गया। लेकिन अब परिस्थतियां बदली हुई है। अब संगठन का उद्देश्य गरीब, असहाय, वेसहारा लोगों की आवाज उठाना तथा उन्हें न्याय दिलाना। वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता रविन्द्र कुमार शर्मा व संचालन महामंत्री दलवीर सिंह तोमर ने किया। बैठक में अधिवक्ता विजय कुमार शर्मा, अचल सिंह राठौर, जे पी शर्मा, कौशल राठौर, मुकुल शर्मा, राघवेन्द्र सिंह, संजय सिंह, खुशबू जादौन, मधुलिका सिंह, विपिन कुमार, प्रेम प्रजापति, आनन्द गौतम, आदि लोगों ने आनलाइन प्रतिभाग किया। हिन्दुस्थान समाचार/कौशल/मोहित-hindusthansamachar.in