पीपीई किट पहनकर कोविड अस्पताल में सेवा कार्य कर रहे एबीवीपी कार्यकर्ता, एक मई को करेंगे रक्तदान

पीपीई किट पहनकर कोविड अस्पताल में सेवा कार्य कर रहे एबीवीपी कार्यकर्ता, एक मई को करेंगे रक्तदान
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लखनऊ, 29 अप्रैल(हि.स.)। 'छात्र कल का नहीं, आज का नागरिक है' आज की समस्याओं का समाधान करना छात्र का दायित्व है।' इस 'मंत्र' को निरन्तर चरितार्थ करने वाले विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता कोरोना आपदा में भी संक्रमित मरीजों की सेवा में जुटे हुए हैं। कोरोना संकट काल में छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ता पीपीई किट पहनकर बलरामपुर अस्पताल पहुंचे और वहां बने कोविड अस्पताल में मरीजों की सेवा की। कार्यकर्ताओं ने मरीजों को इंजेक्शन और आवश्यक दवाओं को पहुंचाते हुए उनके परिजन को समय-समय पर चाय पानी की व्यवस्था भी की। एबीवीपी के लखनऊ विभाग संगठन मंत्री अंशुल ने बताया कि कोविड अस्पताल में कार्यकर्ताओं के पहुंचकर सेवा कार्य करने से मरीजों के परिजनों में हौसला बढ़ा है। बहुत सारे परिजनों ने कार्यकर्ताओं का दिल से धन्यवाद दिया है। उन्होंने बताया कि एक महत्वपूर्ण दिशा में कार्यकर्ता लगे हुए हैं और आगे 1 मई को शुरू हो रहे टीकाकरण से पहले एबीवीपी कार्यकर्ता रक्तदान करेंगे। इसके लिए योजना, रचना और वर्चुअल बैठक की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 को हराने के लिए पूरे विभाग में अलग-अलग स्थानों पर वर्तमान एवं पूर्व सभी कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारी देकर मैदान में उतारा गया है। पिछले 15 से 20 दिनों में जब से कोरोना का प्रकोप बढ़ा है, सभी कार्यकर्ता अपने आप को सुरक्षित रखते हुए लोगों की मदद के लिए लगातार सेवा दे रहे हैं। एबीवीपी ने अपनी तरफ से कोविड हेल्पलाइन नंबर जारी किए है, जिस नंबर पर जरूरतमंद लोग किसी भी प्रकार की जानकारी ले सकते हैं। उन्होंने बताया कि विद्यार्थी परिषद के कुछ कार्यकर्ता सरकार द्वारा चलाए जा रहे कोविड कंट्रोल रूम के संपर्क में रहकर लोगों को भर्ती कराना, बेड उपलब्ध कराना, वहां पहुंचाना, सही जानकारी देना आदि समस्याओं का समाधान पूरी तन्मयता के साथ कर रहे हैं। कुछ कार्यकर्ता ऐसे परिवार में भी पहुंच रहे हैं, जहां सारा परिवार पॉजिटिव है। ट्विटर तथा अन्य माध्यमों से भी जानकारी मिल रही है। लखनऊ विभाग में सभी जरूरतमंदों को क्या-क्या वस्तु की जरूरत है, उनसे सीधे संपर्क करके उनको सहायता पहुंचाया जा रहा है। हिन्दुस्थान समाचार/शरद