74 health and wellness centers will be operated according to standard
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उत्तर-प्रदेश

तय मानक से ही संचालित होंगे 74 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर

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बांदा,14 जनवरी (हि.स.)।स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रामीण स्तर पर बनाए गए स्वास्थ्य उपकेंद्र व हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (एचडब्ल्यूसी) में स्वास्थ्य सेवाएं की गुणवत्ता बढ़ाने और लोगों में विश्वास पैदा करने के लिए अब इनका संचालन नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्स (एनक्यूएएस) के मानकों के अनुसार होगा। स्वास्थ्य विभाग इसकी तैयारियों में भी जुट गया है। आयुष्मान भारत योजना के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए ग्रामीण स्तर पर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खोले गए हैं। यहां 30 वर्ष की आयु के लोगों की निःशुल्क जांच भी की जा रही है, जिसमें ब्रेस्ट, सर्वाइकल और ओरल कैंसर के अलावा हाइपरटेंशन व डायबिटीज का जांच शामिल है। आधुनिक व्यवस्थाओं के साथ यहां इलाज किया जा रहा है। जनपद में 74 सेंटर खुले हैं। इनमें 43 सेंटर क्रियाशील हैं। जहां कम्युनिटी हेल्थ आफीसर (सीएचओ) की तैनाती हो चुकी है। लोगों के लिए पंचायत स्तर पर ही स्वास्थ सुविधाएं बेहतर करने तथा सीएचसी में मरीजों का बोझ कम करने के लिए यह कवायद की गई है। जिला सलाहकार क्वालिटी एश्योरेंस डा. सत्येंद्र कुमार ने मिशन निदेशक अपर्णा उपाध्याय के पत्र का हवाला देते हुए बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता लाने के लिए जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्स लागू हैं। लेकिन अब हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में इसके लागू हो जाने से लोगों को घर के नजदीक गुणवत्तापूर्ण इलाज मुहैया हो सकेगा। स्वास्थ्य उपकेंद्रों में ये सुविधाएं होंगी बेहतर गर्भवती की देखभाल व प्रसव, नवजात व शिशु की देखभाल, बाल व किशोरी स्वास्थ्य सेवाओं के साथ टीकाकरण, परिवार नियोजन व गर्भ निरोधक सेवाएं तथा अन्य प्रजनन स्वास्थ्य सेवाएं, सामान्य संचारी रोगों का प्रबंधन तथा अन्य साधारण बीमारियों व कमजोरी का इलाज तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत संचारी रोगों का प्रबंधन, गैर संचारी रोगों की पहचान, रोकथाम व प्रबंधन, मानसिक रोगों की पहचान तथा इसका बुनियादी प्रबंधन, आंख, नाक, कान व गला संबंधी बीमारियों की देखभाल, मुंह संबंधी सामान्य बीमारियों की देखभाल, बुजुर्गों संबंधी (रक्तचाप, मधुमेह व हृदय रोग) रोगों की पहचान व सेवाएं बेहतर होंगी। हिन्दुस्थान समाचार/अनिल-hindusthansamachar.in