44 दिवसीय निधि समर्पण कार्यक्रम विश्व इतिहास का सबसे बड़ा सम्पर्क अभियान-मुरली पाल

44 दिवसीय निधि समर्पण कार्यक्रम विश्व इतिहास का सबसे बड़ा सम्पर्क अभियान-मुरली पाल
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-कोरोना संकट काल में संघ की अग्रणी भूमिका, विषम परिस्थितियों में भी स्वयंसेवकों ने दिखाई सक्रियता वाराणसी, 24 मार्च (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के काशी प्रांत कार्यवाह मुरली पाल ने कोरोना संकट और 44 दिवसीय निधि समर्पण अभियान में संघ और राष्ट्रीय सेवा भारती के स्वयंसेवकों की भूमिका की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि निधि समर्पण कार्यक्रम विश्व इतिहास का सबसे बड़ा सम्पर्क अभियान सिद्ध हुआ। काशी प्रांत में 43 हजार महिला पुरुष रामभक्तों के माध्यम से लगभग 44 लाख परिवारों (काशी प्रांत के 95 प्रतिशत ग्रामों और शत प्रतिशत नगरीय बस्तियों में) ने निधि समर्पण कर जिस श्रद्धाभाव और राष्ट्रीय एकात्मता, एकरसता का दर्शन कराया। वह धार्मिक और सांस्कृतिक जीवन की दृष्टि से इतिहास के स्वर्णिम अध्याय में अंकित होगा। संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में लिये गये निर्णयों को प्रांत कार्यवाह ने मीडिया से साझा किया। उन्होंने बताया कि 19 मार्च से 20 मार्च 2021 तक चली दो दिवसीय सभा में संघ कार्य की वर्तमान स्थिति, प्रवास, कार्य विभाग जैसे शारीरिक बौद्धिक,व्यवस्था, सम्पर्क सेवा और प्रचार तथा समाज प्रवर्तन में अपनी विशेष भूमिका के लिये रचित 6 गतिविधि धर्म जागरण विभाग,ग्राम विकास,गो सेवा, कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता और पर्यावरण संरक्षण गतिविधि वृत्त का वार्षिक प्रतिवेदन सरकार्यवाह सुरेश भैया जी जोशी ने किया। देश मे सभी प्रान्तों द्वारा किये गए विशेष कार्यक्रमों सहित राष्ट्रीय परिदृश्य की समीक्षा एवं आगामी कार्य योजनाओं की रूपरेखा तैयार की गयी। प्रतिनिधि सभा में दो प्रस्ताव श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर का निर्माण, भारत के अंतर्निहित शक्ति का प्रकटीकरण और कोविड महामारी के सम्मुख खड़ा एकजुट भारत सर्वसम्मति से पारित हुआ। उन्होंने कहा कि संघ के कार्य का आधार नित्य एक घण्टे लगने वाली शाखाएं है। इसको ध्यान में रखकर कोरोना काल की विषम परिस्थितियों में भी अपने कार्यकर्ताओं ने नियमित रूप से समाज एवम संघ के स्वयंसेवकों से सम्पर्क संवाद के साधनों का उपयोग कर रखा। साथ संघ कार्य का संचालन रखने का सतत प्रयास किया। देश में कार्य की स्थिति संख्यात्मक दृष्टि से 912 जिलों में 6495 खंडों के 34,569 स्थानों पर कुल 55,652 शाखाएं संचालित होने का सभा में वृत्त प्रस्तुत किया गया। उन्होंने बताया कि संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी बैठक इस बार काशी में होगी। अक्टूबर माह में आयोजन संभावित है। —कोरोना काल के विषम परिस्थितियों में भी दिखा उत्साह प्रांत कार्यवाह मुरली पाल ने बताया कि काशी प्रांत में वर्ष 2019-2020 की तुलना में कोरोना काल की विषम परिस्थिति के बाद भी कुछ ही शाखाएं प्रभावित हुईं। इसके बावजूद कार्यकर्ताओं की सक्रियता व उत्साह रहा। 2020- 2021 में 1679 स्थानों पर कुल 2450 शाखाओं का वृत्त निवेदन अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा मे किया गया। जो पूर्वी उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक शाखाओं वाला प्रांत रहा। कोविड काल में शासन के सभी मार्गदर्शक संकेतों का पालन करते हुए प्रवास, बैठकें, अभ्यास वर्ग, ई-शाखा जैसा नित्य कार्य प्रगति पर रहा। अनुमति के पश्चात संघ स्थानों पर प्रत्यक्ष शाखाएं प्रारम्भ हुई। उन्होंने बताया कि काशी प्रान्त में 7 विभाग और संघ दृष्टि से 26 जिले हैं, कुल 12 शासकीय जिले हैं। प्रान्त के सभी 151 विकास खण्डों में संघ कार्य है। 1,514 मंडलों अर्थात न्याय पंचायतों के 1,170 मंडलों में संघ की शाखाएं नियमित रूप से संचालित हैं। वहीं 338 न्याय पंचायतों में मिलन व मंडली के माध्यम से सम्पर्क है। केवल 6 न्याय पंचायत ऐसी हैं जहां संघ कार्य नहीं है। उन्होंने बताया कि प्रान्त के सभी 104 नगरीय क्षेत्र में शत प्रतिशत शाखा कार्य अथवा सम्पर्क है। सेवा बस्ती क्षेत्र में भी 252 शाखाएं हैं, जिसमें 165 शाखाएं सेवा कार्य करती हैं। किसी न किसी कार्य से समाज में अपना प्रभाव जमाने वाली प्रान्त में 434 उपक्रमशील शाखाएं हैं। उन्होंने बताया कि सेवा ही परमोधर्म: और नर को नारायण मानने वाले भारतीय समाज ने कोरोना काल में अपनी अनोखी सभ्यता और धर्म का पुनः स्मरण कराया। संकट के इस काल में करोड़ों जरूरतमंदों को राशन किट, भोजन, स्वास्थ्य सेवा, यातायात तथा आर्थिक सहायता करके सेवा, समरसता,आत्मीयता और सामाजिक एकजुटता का एक नया इतिहास रचा गया। इस दौरान सह प्रांत कार्यवाह डा. राकेश तिवारी, विभाग प्रचार प्रमुख अमरदीप, प्रचारक प्रवेश, काशी उत्तर भाग प्रचार प्रमुख अमित गुप्ता, दक्षिण भाग प्रचार प्रमुख रवि भी मौजूद रहे। -दायित्वों में बदलाव संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में पदाधिकारियों के दायित्वों में भी बदलाव किया गया। काशी प्रान्त कार्यवाह मुरली पाल ने बताया कि नये सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले बनाये गये। इसी तरह पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र कार्यवाह वीरेंद्र जायसवाल, क्षेत्र मार्ग प्रमुख राजेन्द्र सक्सेना, क्षेत्र व्यवस्था प्रमुख जयप्रकाश, क्षेत्र गंगा सम्रग रामाशीष, गो सेवा संयोजक बांकेलाल, कुटुम्ब प्रबोधन प्रमुख अशोक उपाध्याय को बनाया गया। हिन्दुस्थान समाचार/श्रीधर/संजय

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