4,849 कोरोना नमूनों की जांच में 312 संक्रमित, लखनऊ के 150 रोगी

4,849 कोरोना नमूनों की जांच में 312 संक्रमित, लखनऊ के 150 रोगी
4,849 कोरोना नमूनों की जांच में 312 संक्रमित, लखनऊ के 150 रोगी

लखनऊ, 25 जुलाई (हि.स.)। प्रदेश में कोरोना के तेजी से प्रसार का सिलसिला जारी है। हर रोज नए संक्रमित मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। राजधानी की किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में शुक्रवार को जांच किये गए 4,849 नमूनों में 312 की रिपोर्ट शनिवार को पॉजिटिव आई। इनमें लखनऊ के 150, बाराबंकी के 47, कन्नौज के 32, संभल-हरदोई के 20-20, मुरादाबाद के 15, शाहजहांपुर के 19, उन्नाव के 03 तथा गोरखपुर व सीतापुर के 02-02 और अमेठी व महोबा का 01-01 मरीज शामिल है। इसके साथ ही कई अन्य प्रयोगशालाओं की रिपोर्ट में भी कोरोना के नए मामलों की पुष्टि हुई है। संतकबीर नगर में शनिवार को 53 लोग जांच में कोरोना पॉजिटिव निकले हैं। इनमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मेंहदावल में तैनात 40 वर्षीय एक डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव निकले हैं। जनपद में सर्वाधिक खलीलाबाद में 23, मेंहदावल में 15, नाथनगर में पांच, सांथा में तीन एवं बघौली, पौली व सेमरियावां में दो-दो तथा हैंसर बाजार ब्लॉक में एक कुल 53 लोग जांच में कोरोना पॉजिटिव निकले हैं। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मोहन झा ने बताया कि इन्हें सेंट थामस इंटर कालेज-खलीलाबाद के कोरोना वार्ड में भर्ती कराया जा रहा है। वहीं 10 पाॅजिटिव मरीज स्वस्थ होकर अपने घर पहुंचे। जनपद में कोरोना से अब तक नौ लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 480 पाॅजिटिव मरीज स्वस्थ होकर अपने घर पर पहुंचे हैं। वर्तमान में 216 पाॅजिटिव मरीजों का कोरोना वार्ड में उपचार चल रहा है। वाराणसी में शुक्रवार की शाम से शनिवार को पूर्वाह्न 11 बजे तक बीएचयू लैब से प्राप्त 133 रिपोर्ट में से 12 नये कोरोना संक्रमित मरीज पाये गये हैं। इन नये मरीजों को मिलाकर कोरोना मरीजों की कुल संख्या 1,834 हो गई है। 788 मरीज स्वस्थ होकर अपने अपने घर लौट चुके हैं। वर्तमान में सक्रिय मरीजों की संख्या 1,008 है। वहीं अब तक कोरोना से कुल 38 मरीजों की मौत हो चुकी है। फर्रुखाबाद में शनिवार को 06 और कोरोना मरीजों की रिपोर्ट पाॅजिटिव आई है। इसमें शहर क्षेत्र व शमशाबाद से 01-01 मरीज व मोहम्मदाबाद में 04 मरीज मिले है। जनपद में कोरोना मरीजों की संख्या 386 हो गई है। इसमें 121 सक्रिय मरीज हैं जिनका इलाज चल रहा है। वहीं 255 मरीज स्वस्थ होकर अपने घर जा चुके है। महराजगंज जनपदा में 11 नए कोरोना मरीज शनिवार को मिले हैं। जिलाधिकारी डॉ. उज्ज्वल कुमार ने बताया कि इनमें से दो सदर, एक सिसवा, एक रोडवेज, दो लक्ष्मीपुर, एक फरेंदा, दो हमिद नगर तथा दो कोतवाली सदर के निवासी है। इस प्रकार अब जनपद में कोरोना के कुल मामले 475 हो गए हैं। कोरोना सक्रिय मामले 172 तथा स्वस्थ होकर डिस्चार्ज होने वालों की कुल संख्या 297 है। कुशीनगर से गोरखपुर मेडिकल काॅलेज भेजे गए नमूनों में शनिवार को 20 की रिपोर्ट मिली, जिसमें सभी पाॅजिटिव हैं। इसमें नगर में स्थित महिला अस्पताल के 14 स्वास्थ्य कर्मी शामिल हैं। अब जनपद में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 487 हो गई है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एनपी गुप्ता ने बताया कि अब तक कुल 334 लोग स्वस्थ होकर घर भेजे जा चुके हैं। संक्रमितों को इलाज के लिए लक्ष्मीपुर में बनाए गए कोविड केयर अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है। इनके संपर्क में आने वालों को चिह्नित कर सूची बनाई जा रही है। वहीं गोण्डा में शुक्रवार देर रात प्राप्त हुई रिपोर्ट के अनुसार जिले में 28 कोरोना मरीजों की पुष्टि हुई है। इसमें 11 मरीज नगर क्षेत्र, 05 रुपईडीह व 04 मरीज मनकापुर ब्लॉक क्षेत्र के हैं। 02 मरीज छपिया ब्लॉक तथा तरबगंज, कर्नलगंज, बेलसर, परसपुर, कटरा बाजार व पंडरीकृपाल ब्लॉक का 01-01 मरीज है। ताजनगरी आगरा में शुक्रवार की रात तक 23 नए केस रिपोर्ट होने से कुल कोरोना संक्रमित 1,601 हो चुके हैं। जुलाई में संक्रमण की रफ्तार बढ़ रही है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरसी पांडेय ने बताया कि अनलॉक के बाद भी मरीज नियंत्रित थे। बारिश के बाद मरीजों की संख्या बढ़ी है। हालांकि अभी भी स्थिति नियंत्रित है। सामुदायिक प्रसार नहीं हुआ है। लोगों से अपील है कि मास्क, सामाजिक दूरी और लक्षण प्रतीत होने पर जांच कराने के प्रति जागरूक रहें तो स्थिति सुधरती जाएगी। इस बीच कोरोना के तेजी से बढ़ते मामलों के मद्देनजर अब सरकार ने प्रमुख निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों की जांच के लिए कोविड टेस्टिंग वैन उपलब्ध कराने का फैसला किया है। यह वैन प्रतिदिन प्रमुख प्राइवेट अस्पतालों तक पहुंचेगी और अस्पताल प्रबन्धन अपने वहां नॉन कोविड इलाज के लिए भर्ती ऐसे मरीजों की जांच कराएगा, जिनमें कोरोना के लक्षण नजर आ रहे हैं। राज्य के अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद के मुताबिक कई बार सामने आया है कि निजी अस्पतालों में मरीज दूसरी बीमारियों के इलाज के लिए भर्ती होते हैं। बाद में उनमें कोरोना के लक्षण नजर आते हैं और फिर देरी से इलाज के लिए पहुंचने पर मामले में जटिलता आ जाती है। इसलिए सरकार ने फैसला किया है कि सभी जनपदों में मोबाइल मेडिकल यूनिट की एक वैन प्रतिदिन प्रमुख निजी अस्पतालों में जाएगी। अगर वहां कोई नॉन कोविड केयर का मरीज भर्ती है और उसमें कोरोना के लक्षण महसूस हो रहे हैं तो उसकी तुरन्त जांच की जाएगी। हिन्दुस्थान समाचार/संजय-hindusthansamachar.in

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