दिव्यांग व गर्भवती कर्मचारियों को दी जाए 'वर्क फ्रॉम होम' की सुविधा - योगी आदित्यनाथ

दिव्यांग व गर्भवती कर्मचारियों को दी जाए 'वर्क फ्रॉम होम' की सुविधा - योगी आदित्यनाथ
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लखनऊ, 07 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में बीते 24 घंटे में 28,076 नए पॉजिटिव केस की पुष्टि हुई है। वहीं, 3,117 लोग स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए हैं। वर्तमान में 2,54,118 कुल एक्टिव केस हैं। इनमें 1,98,857 लोग होम आइसोलेशन में उपचाराधीन हैं। 2,41,403 कोविड टेस्ट किए गए हैं। यह जानकारी शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपर मुख्य सचिव, सूचना नवनीत सहगल ने दी। 11 और जिलों में 18-44 साल की आयु वालों के लिए टीकाकरण उन्होंने बताया कि 10 मई से 11 और जिलों में 18-44 साल की आयु वालों के लिए टीकाकरण अभियान का शुभारंभ होगा। मौजूदा समय प्रदेश के सात जिलों में इस आयु वर्ग के लोगों को टीकाकरण किया जा रहा है। कुल मिलाकर 18 जिलों में टीकाकरण होगा। सम्बंधित प्रभारी मंत्री या स्थानीय जनप्रतिनिधि किसी न किसी टीकाकरण केंद्र पर उपस्थित रहेंगे। एक तिहाई से अधिक कर्मचारी न रहें उपस्थित उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी ने निर्देश दिया है कि सभी सरकारी एवं निजी कार्यालयों में बीमार, दिव्यांग कर्मचारी और गर्भवती महिला कर्मचारियों को 'वर्क फ्रॉम होम' की सुविधा दी जाए। इन्हें कार्यालय आने की कोई अनिवार्यता नहीं है। इसी प्रकार, सभी सरकारी कार्यालयों में 50% कार्मिक क्षमता से ही कार्य लिया जाए। एक समय में एक तिहाई से अधिक कर्मचारी कतई उपस्थित न रहें। इस व्यवस्था को तत्काल प्रभावी बनाया जाए। कल आ जायेगा जामनगर से 80 टन ऑक्सीजन ऑक्सीजन की आपूर्ति को लेकर मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कल तक जामनगर (गुजरात) से 80 टन ऑक्सीजन प्रदेश में और आ जायेगा। दो ऑक्सीजन एक्सप्रेस आज रात्रि तक और आ रही हैं। एसीएस होम स्तर से सभी जिलों की जरूरत को देखते हुए एक विस्तृत कार्य योजना तैयार की जाए। ऑक्सीजन वेस्टेज को न्यून्तम रखने और आपूर्ति बढ़ाने के लिये सभी जरूरी प्रयास किए जाएं। अस्पतालों पर नजर रखें डीएम व सीएमओ मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न जनपदों में कुछ निजी अस्पतालों द्वारा बेड, ऑक्सीजन आदि का कृत्रिम अभाव पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है। कुछ निजी अस्पतालों में शासन द्वारा तय शुल्क दर से कई गुना अधिक की वसूली करने की घटनाओं की जानकारी मिली है। यह उचित नहीं है। इस प्रकार की गतिविधियां आपराधिक हैं। कुछ जिलों में इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। सभी डीएम व सीएमओ ऐसे अस्पतालों पर नजर रखें और सख्ती के साथ यथोचित कार्रवाई करें। हिन्दुस्थान समाचार/राजेश/विद्या कान्त