'Chambal Marathon Contest' organized from historic Chambal River to Yamuna River
'Chambal Marathon Contest' organized from historic Chambal River to Yamuna River
उत्तर-प्रदेश

ऐतिहासिक चंबल नदी से यमुना नदी तक ‘चंबल मैराथन प्रतियोगिता’ का हुआ आयोजन

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- 2 घंटे 27 मिनट और 17 सेकेंड में 42.200 किमी की मैराथन दर्ज औरैया, 14 जनवरी (हि.स.)। चंबल फाउंडेशन द्वारा आयोजित चंबल मैराथन में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान के प्रभारियों ने बखूबी अपने दायित्वों का निर्वहन किया। चंबल नदी तट पर खेड़ा अजब सिंह गांव के नजदीक चंबल वैली वर्ड वाचिंग एंड क्रोकोडाइल रिसर्च सेंटर पर अलग ही नजारा दिखा जब तीन राज्यों के सैकड़ों प्रतिभागी चंबल मैराथन में अपना दमखम, जज्बा और जुनून दिखाने जुटे। तब चंबल फाउंडेशन की मुहिम ‘स्प्रिट चंबल’ और ‘रन फॉर बेटर चंबल’ का सपना साकार होते दिखा। मध्य प्रदेश के प्रभारी राधेगोपाल यादव ने बताया कि चंबल मैराथन का उत्साही और अनुशासित सैलाब चंबल नदी तट पर बर्ड वाचिंग एंड क्रोकोडाइल रिसर्च सेंटर खेड़ा अजब सिंह से दौड़ते हुए लक्ष्मणपुरा, नगला भवानी, उदी, चकरनगर रोड से नगला अजीत, भटपुरा, रमी कवर, पूठन, गाती, के बाद रम्पुरा पहुंचा। पहले चरण की 9 किमी चंबल मैराथन का समापन ऊंट विलेज के नाम से प्रसिद्ध रम्पुरा में हुआ। 9 किमी की इस रेस में प्रथम स्थान शिवम यादव, द्वितीय स्थान उदय बघेल और तृतीय स्थान सौरभ कुमार का रहा। रम्पुरा में 9 किमी चंबल मैराथन समारोह को स्थानीय विधायक सरिता भदौरिया, डॉक्टर कमल कुमार कुशवाहा, इं. राज त्रिपाठी, गगन शर्मा, शशिकांत दीक्षित, गौतम शाक्य आदि ने संबोधित किया। पहला, दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले विजेताओं को सर्टिफिकेट, मेडल, शील्ड कप और चंबल पर्यटन का टीशर्ट देकर सम्मानित किया। 9 किमी के इस मैराथन में सभी प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट और मेडल प्रदान किया गया। राजस्थान के प्रभारी पुखराज बैरवा कहा कि चंबल मैराथन घाटी की सकारात्मक ऊर्जा ने देश दुनिया को इस मैराथन के जरिए बेहतर संदेश दिया है। उन्होंने बताया कि 22 किमी की मैराथन दौड़कर हॉफ मैराथन में विकास कुमार, रोहित यादव, दीपेंद्र कुमार, सचिन यादव ने अपना नाम दर्ज कराया। चंबल घाटी के यह युवा अब देश दुनिया के साथ कदमताल करने को बेताब है। उत्तर प्रदेश के प्रभारी राहुल तोमर ने बताया कि चंबल मैराथन में तीन प्रतिभागियों ने 42 किमी की दौड़ में हिस्सा लिया। जिसमें अतुल कुमार दुबे, संजय कुमार और दीपक कुमार शामिल हैं। गौरतलब है कि, भारतीय सेना के जवान अतुल कुमार दुबे ने 3.22 पेस की रफ्तार से 2 घण्टे 27 मिनट और 17 सेकेंड में 42.200 किमी दौड़ पूरी कर कीर्तिमान दर्ज किया। बीहड़ के ऊंचे-नीचे मिट्टी के पहाड़ों और चारों तरफ खिले सरसों के के उत्तर प्रदेश के प्रभारी राहुल तोमर ने बताया कि चंबल मैराथन में तीन प्रतिभागियों ने 42 किमी की दौड़ में हिस्सा लिया। जिसमें अतुल कुमार दुबे, संजय कुमार और दीपक कुमार शामिल हैं। गौरतलब है कि भारतीय सेना के जवान अतुल कुमार दुबे ने 3.22 पेस की रफ्तार से 2 घण्टे 27 मिनट और 17 सेकेंड में 42.200 किमी दौड़ कर कीर्तिमान दर्ज किया। बीहड़ के ऊंचे-नीचे मिट्टी के पहाड़ों और चारों तरफ खिले सरसों के पीले फूलों के बीच अतुल कुमार दुबे का दिलचस्प अनुभव रहा। 42 किमी की चंबल मैराथन की शुरुआत में खेड़ा अजब सिंह गांव के पास से चंबल तट से हुई थी और चकरनगर से होते हुए गोपालपुरा और खेड़ा गांव के बीच समापन हुआ। 42 किमी चंबल मैराथन समापन समारोह से पहले चंबल परिवार के मुखिया वीरेंद्र सेंगर और उनकी टीम ने तीनों खिलाड़ियों को फूल मालाओं से लाद दिया। उदी ब्लॉक के चिकित्सा प्रभारी उदय प्रताप सिंह एम्बुलेंस और अपनी टीम के साथ सुबह से डटे रहे। शीलेन्द्र प्रताप सिंह, राहुल यादव, हिमांशु सैनी, सुशांत भदौरिया, विजय यादव, सुधीर भदौरिया आदि ने व्यवस्थाओं मैं सहयोग किया। हिन्दुस्थान समाचार / सुनील-hindusthansamachar.in