24 कारागारों में थ्री जी क्षमता के 271 जैमर स्थापित, 2,800 से अधिक लगाए गए सीसीटीवी कैमरे : अवनीश अवस्थी
24 कारागारों में थ्री जी क्षमता के 271 जैमर स्थापित, 2,800 से अधिक लगाए गए सीसीटीवी कैमरे : अवनीश अवस्थी
उत्तर-प्रदेश

24 कारागारों में थ्री जी क्षमता के 271 जैमर स्थापित, 2,800 से अधिक लगाए गए सीसीटीवी कैमरे : अवनीश अवस्थी

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लखनऊ, 23 दिसम्बर (हि.स.)। प्रदेश के कारागार विभाग ने जेल की आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए कई बेहतर कार्य किये हैं। अपर मुख्य सचिव, गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बुधवार को बताया कि कारागारों में अपराधियों द्वारा मोबाइल फोन के उपयोग की सम्भावना पर अंकुश के लिए 24 कारागारों में थ्री जी क्षमता के 271 जैमर स्थापित किये गये हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए सभी कारागारों में 2,800 से अधिक सीसीटीवी कैमरे भी स्थापित किये गये हैं। उच्च स्तरीय निगरानी के लिए मुख्यालय में कमाण्ड सेण्टर-वीडियो वाॅल स्थापित की गयी है। तलाशी व्यवस्था के लिए सभी कारागारों में पोल मेटल डिटेक्शन सिस्टम, डोरफ्रेम, हैण्ड हेल्ड एवं डीप सर्च मेटल डिटेक्टर की व्यवस्था करायी गयी है। कारागारों में शैक्षिक उन्नयन कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित पुलिस महानिदेशक, कारागार आनन्द कुमार ने बताया कि कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग का मुख्य उद्देश्य कारागारों में बंदियों का सुरक्षित रखरखाव एवं उनके आचरण एवं व्यवहार में परिवर्तन कर उनमें सुधार लाना है ताकि वे रिहा होकर पुनः सम्मानजनक जीवन यापन कर सकें। इसके लिये कारागारों में सम्पूर्ण साक्षरता, शैक्षिक उन्नयन, व्यावसायिक प्रशिक्षण एवं कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित कराये जाते हैं। विभिन्न परीक्षाओं के लिए कारागारों में बनाए गए परीक्षा केन्द्र उन्होंने बताया कि बंदियों के शैक्षिक उन्नयन के लिए कक्षा-5 से 8 तक, हाईस्कूल, इण्टरमीडिएट तथा इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) की परीक्षाओं के लिए कारागारें परीक्षा केन्द्र के रूप में काम करती है। विगत वर्ष कक्षा-5 से 8 तक 1,204, हाई स्कूल की परीक्षा में 71, इण्टरमीडिएट की परीक्षा में 52 बंदियों तथा इग्नू की 1,200 से अधिक बंदी उत्तीर्ण हुये। कारागारों में हुई 2.25 लाख टेस्टिंग, 12,500 संक्रमित बंदियों का हुआ इलाज श्री कुमार ने बताया कि कोरोना महामारी के नियंत्रण के लिए प्रदेश की समस्त कारागारों में 2.25 लाख टेस्टिंग, 12,500 संक्रमित बंदियों का समुचित रख-रखाव तथा उपचार की कार्यवाही त्वरित गति से की गयी है। संक्रमण से बचाव के लिए कुल 85 अस्थायी कारागारें बनायी गयी। कारागारों में 21.70 लाख रुपये से अधिक फेस मास्क तथा लगभग 3000 पीपीई किट उत्पादित कराये गये, जिनका उपयोग कारागारों तथा अन्य विभागों में किया गया। यह कार्यवाही निरन्तर संचालित है। 260 से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों को दिया गया प्रशस्ति चिह्न पुलिस महानिदेशक, कारागार ने बताया कि प्रदेश सरकार ने कारागार कार्मिकों की कार्यक्षमता में वृद्धि व उनके मनोबल को बढ़ाने के लिए प्रथम बार स्वतंत्रता दिवस एवं गणतंत्र दिवस के अवसर पर 260 से अधिक कारागार अधिकारियों एवं कर्मचारियों को महानिरीक्षक कारागार का प्रशस्ति चिह्न प्रदान किया गया। कई पदों का किया गया सृजन उन्होंने बताया कि विभाग के कार्यों में और अधिक गति लाने के लिए विभिन्न श्रेणी के पदों जैसे परिक्षेत्रीय कार्यालयों के लिए 12, सम्पूर्णानन्द कारागार प्रशिक्षण संस्थान के लिए 13, जिला कारागार संतकबीर नगर के लिए 103 तथा कम्प्यूटर ऑपरेटर के 73 पदों का सृजन किया गया। उन्होंने बताया है कि प्रदेश के 70 कारागारों तथा 73 जनपद न्यायालयों में स्थापित वीडियो कान्फ्रेसिंग इकाईयों से 98 प्रतिशत विचाराधीन बंदियों की रिमाण्ड हो रही है, इसे शत प्रतिशत करने का लक्ष्य है। हिन्दुस्थान समाचार/संजय/दीपक-hindusthansamachar.in