20 वर्ष की बेटी ने जिला पंचायत सदस्य बनकर प्रदेश में बनाया कीर्तमान

20 वर्ष की बेटी ने जिला पंचायत सदस्य बनकर प्रदेश में बनाया कीर्तमान
20-year-old-daughter-made-a-record-in-the-state-by-becoming-a-member-of-zilla-panchayat

क्षेत्र के विकास के साथ महिलाओं के मुद्दों पर कार्य करना चाहती हैं रजनी झांसी, 04 मई(हि.स.)। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव-2021 में कई सारे रिकाॅर्ड बने। तीन दिन तक जहां जिला पंचायत सदस्यों के परिणाम घोषित नहीं हो पाए। तो वहीं जिले में एक नया रिकाॅर्ड भी बना है। चिरगांव विकासखण्ड की एक जिला पंचायत सदस्य की सीट पर 20 वर्षीय शिक्षित बेटी ने परचम फहराते हुए जीत हासिल की है। उसे प्रदेश की सबसे कम उम्र की जिला पंचायत सदस्य बताया जा रहा है। सबसे कम उम्र की इस जिला पंचायत सदस्य की प्राथमिकता महिलाओं के मुद्दे हैं। एक दौर था जब हमारे पूर्वज महिलाओं को बराबरी के स्थान पर रखते थे। उनको हर स्तर पर साथ रखा जाता था। गुरुकुल से लेकर राजघराने तक। फिर वह वक्त भी आया जब महिलाओं का खूब उत्पीड़न करते हुए उन्हें परदा प्रथा का सामना करना पड़ा। आज केन्द्र और प्रदेश सरकार की प्राथमिकता महिलाओं को आगे ले जाने की है। इस दौर में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में वीरांगना भूमि के चिरगांव विकासखण्ड स्थित रमपुरा गांव निवासी 20 वर्षीय रजनी गौतम ने वार्ड 6 बघैरा जिला पंचायत सीट से जीत हासिल कर नया रिकाॅर्ड स्थापित कर दिया है। ऐसा कहा जा रहा है कि वह प्रदेश की सबसे कम उम्र की जिला पंचायत सदस्य बनी है। जीत के बाद प्रमाण पत्र प्राप्त करने के साथ ही जब रजनी से पूछा गया कि उनकी प्राथमिकता क्या है ? इस पर उन्होंने बताया कि क्षेत्र के विकास के साथ ही वह महिलाओं के मुद्दों पर प्राथमिकता के साथ कार्य करेंगी। उन्होंने बघैरा सीट से तमाम दिग्गज उम्मीदवारों को शिकस्त देते हुए यह जीत हासिल की है। 22 वर्ष का युवा प्रधान इसी के साथ जनपद में ग्राम पंचायत चढ़रऊ धवारी के 22 वर्ष के सबसे युवा उम्मीदवार दीपक कुमार को भी लोगों ने अपना आर्शीवाद प्रदान करते हुए ग्राम प्रधान के पद पर विजयी बनाया है। उसे जनपद का सबसे युवा प्रधान बताया जा रहा है। बसपा के मुंह पर करारा तमाचा क्षेत्रीय लोगों की मानें तो रजनी ने बहुजन समाज पार्टी से समर्थित उम्मीदवार बनकर चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की थी। इस पर पार्टी के मठाधीशों ने उसे मना कर दिया था। इसके बाद रजनी ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला लिया। यही नहीं उसने 5 हजार मत प्राप्त करते हुए यह चुनाव जीता भी। रजनी की इस जीत को बसपा के मुंह पर करारा तमाचा बताया जा रहा है। हिन्दुस्थान समाचार/महेश