13 महीने से गोशाला मजदूरों को नहीं मिला मानदेय, अधिकारियों को बनाया बंधक
13 महीने से गोशाला मजदूरों को नहीं मिला मानदेय, अधिकारियों को बनाया बंधक
उत्तर-प्रदेश

13 महीने से गोशाला मजदूरों को नहीं मिला मानदेय, अधिकारियों को बनाया बंधक

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अमेठी, 24 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के अमेठी में वृहद गोशाला में मजदूरी नहीं मिलने से नाराज मजदूरों ने शुक्रवार को निरीक्षण करने पहुंचे एडीओ पंचायत व ग्राम पंचायत सचिव को बंधक बना लिया। पुलिस के हस्तक्षेप व बीडीओ के आश्वासन के बाद मजदूर ने दोनों को छोड़ तो दिया लेकिन मजदूरी नहीं मिलने तक मजदूरो ने कार्य बहिष्कार की घोषणा की है। मामला मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र के नेवादा गांव का है। वृहद गोशाला में काम करने वाले मजदूर राम अभिलाक ने बताया कि आठ घंटे ड्यूटी करना, गोबर उठाना, चारा लाना ये काम कर रहे हैं। वेतन नहीं मिल रहा। ब्लाक से अधिकारी आते हैं तो कहते हैं कि अगले महीने मिल जाएगा, 10 दिन में मिल जाएगा। कहते कहते थक गए आज जब एडीओ और सिक्रेटरी आए और पंखे के नीचे बैठ गए। हम लोगों ने मांग किया और कहा उच्च अधिकारियों को बुलाए। प्रधान नेवादा घनश्याम पांडेय ने बताया कि 22 जून 2019 को गोशाला संचालन में आया। कैबिनेट मंत्री स्मृति ईरानी ने इसका उदघाटन किया था। 13 महीने में 13 मजदूरों को कोई मानदेय नहीं मिला। जून माह में निर्देश आए कि इन मजदूरो को राज वित्त से भुगतान किया जाए। लेकिन ग्राम सभा छोटी है तो और काम कैसे होगा। एडीओ पंचायत अर्जुन श्रीवास्तव ने बताया कि मजदूरों का वेतन का भुगतान नहीं हुआ है। आज मैं और सचिव नरेंद्र निरीक्षण के लिए आए तो मजदूरो ने बंधक बना लिया। अधिकारियों को जानकारी होने पर उन्होंने आकर छुड़ाया। प्रधान ने जिम्मेदारी उठाने से मना कर दिया है। अंत में बंधक बने अधिकारियों को छुड़ाने पहुंचे खंड विकास अधिकारी मुसाफिरखाना संतलाल ने बताया कि इन्होंने वेतन के लिए बंधक बनाया है। यहां भूसा, चारे की व्यवस्था है, वेतन के लिए शासनादेश हो गया है पंचायत मद से वेतन देने का। खाता खुलवाने की कार्यवाही हो रही है। इसके बाद भुगतान किया जाएगा। हिन्दुस्थान समाचार/असगर/दीपक-hindusthansamachar.in