हड़बड़ी : माफिया की जगह ट्रांसपोर्टर सुधीर की गाड़ियां जब्‍त करने का आदेश
हड़बड़ी : माफिया की जगह ट्रांसपोर्टर सुधीर की गाड़ियां जब्‍त करने का आदेश
उत्तर-प्रदेश

हड़बड़ी : माफिया की जगह ट्रांसपोर्टर सुधीर की गाड़ियां जब्‍त करने का आदेश

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गोरखपुर, 22 सितंबर (हि.स.)। माफिया सुधीर सिंह पर कार्रवाई को लेकर शायद जिला प्रशासन बहुत हड़बड़ी में है। इसका नमूना गाड़ियों को जब्त करने की कार्रवाई में दिख रही है। आरटीओ दफ्तर को भेजी गई गाड़ियों के नम्बर की सूची माफिया सुधीर की जगह ट्रांसपोर्टर सुधीर कुमार सिंह की है। पुलिस की इस चूक से ट्रांसपोर्टर सुधीर कुमार सिंह परेशानी में पड़ गया है। अब पुलिस अपना पक्ष रखकर सब कुछ स्पष्ट करने पर राहत देने की बात कह रही है। बता दें कि माफिया सुधीर सिंह के सात वाहनों को जब्त करने का आदेश पुलिस ने जारी किया है। यह आरटीओ दफ्तर पहुंच चुका है। पुलिस की रिपोर्ट पर प्रशासन ने कार्रवाई भी आगे बढ़ा दी है। लेकिन यह कार्रवाई माफिया सुधीर सिंह की जगह ट्रांसपोर्टर सुधीर कुमार सिंह के वाहनों को जब्त करने की हो रही है। ट्रांसपोर्टर सुधीर सिंह को जब इसका पता चला तो वह परेशान हो गए। उन्होंने अपनी पहचान और गाड़ियों के दस्तावेज के साथ अधिकारियों से गुहार लगानी शुरू की है। अब अधिकारी गलती सुधारने की बात कह रहे हैं। यह इत्तेफाक ही है कि माफिया व ट्रांसपोर्टर दोनों के पिता का नाम एक ही है। माफिया के पिता का निधन हो चुका है जबकि ट्रांसपोर्टर के पिता जिंदा हैं। यह है माफिया शाहपुर के आदर्श नगर निकट एल्युमिनियम फैक्ट्री और सहजनवा के कालेसर निवासी स्वर्गीय सुरेन्द्र सिंह का पुत्र पिपरौली ब्लाक प्रमुख सुधीर सिंह जिले के टॉप 10 बदमाशों की सूची में शामिल है। सुधीर सिंह की सम्पत्ति जब्त करने को जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू की हैं। जब्त करने वाली सम्पत्तियों सूची तैयार है। रिसीवर भी नियुक्त कर हैं। शाहपुर क्षेत्र स्थित मकान का रिसीवर नायब तहसीलदार सदर और कालेसर स्थित मकान, वाहन व जमीन का रिसीवर तहसीलदार सहजनवां हैं। डीएम ने सहजनवां, गीडा व शाहपुर थानेदार को माफिया के सभी वाहन को अपने कब्जे में लेकर मकान सील करने का आदेश दिया है। इन संपत्तियों को करना है जब्त जब्त की जाने वाली सम्पत्तियों की सूची में माफिया सुधीर के आठ मालवाहक कंटेनर, नौ गाड़ी, शाहपुर के एल्युमिनियम फैक्ट्री के निकट व गीडा के कालेसर में मकान, तीन बीघा जमीन को शमिल किया हैं। इसके अलावा सुधीर की पत्नी अंजू के नाम से एचडीएफसी बैंक में खाता पर रोक लगी है। माफिया के संपत्ति की सूची तैयार होने के बाद डीएम ने आरटीओ, रजिस्ट्रार को विक्रय पर रोक लगाने के आदेश भी दिया है। अंजू के खाते से लेनदेन पर रोक लगाने के लिए एचडीएफसी बैंक अधिकारियों को भी पत्र भेज दिया गया है। हड़बड़ी में ट्रांसपोर्टर की गाड़ियों की बना ली सूची - यूपी 53 सीएम 1110 बुलेट - यूपी 53 ईटी 0257 10.50 हजार का लोन 2017 माडल - यूपी 53 ईटी 0416 10.25 लाख का लोन, 2017 माडल - यूपी 53 ईटी 0273 20.98 लाख का लोन 2017 माडल - यूपी 53 ईटी 7283 34.27 लाख का लोन 2018 मॉडल - यूपी 53 ईटी 7282 34.27 लाख का लोन 2018 मॉडल - यूपी 53 ईटी 7284 34.27 लाख का लोन 2018 मॉडल - यूपी 53 ईटी 7281 34.27 लाख का लोन 2018 मॉडल - यूपी 53डीटी 4935 इंडोसेन बैंक से छह लाख रुपये बाकी नाम व पिता के नाम में है बहुत समानता सुधीर कुमार सिंह पुत्र सुरेन्द्र प्रताप सिंह निवासी सर्वोदय नगर बिछिया के नाम से रजिस्टर्ड सभी गाड़ियां सूची में शामिल हैं। सुधीर कुमार सिंह ट्रांसपोर्टर हैं और गिट्टी-बालू की सप्लाई करते हैं। सुधीर का कहना है कि नौ गाड़ियों में आठ कंटेनर हैं, जबकि एक बुलेट है। आठों गाड़ियां वर्तमान में गुजरात में चल रही हैं। सभी गाड़ियों को उन्होंने लोन पर लिया है। इसकी एक-एक पाई का उनके पास हिसाब है। जिनके नाम का बताकर मेरी गाड़ियों को जब्त करने की तैयारी हो रही है उनका नाम सुधीर सिंह है और उनके पिता स्वर्गीय सुरेन्द्र सिंह हैं। उनका पता एल्युमिनियम फैक्ट्री और कालेसर है जबकि मेरा पता सर्वोदय नगर का है। मेरे पिता सुरेन्द्र प्रताप सिंह है और मेरा नाम सुधीर कुमार सिंह है। मेरे पिता 72 साल के हैं और अभी वह जीवित हैं। प्रशासन चाहे तो जांच करा ले। इस सम्बंध में आरटीओ प्रशासन श्यामलाल का कहना है कि डीएम कार्यालय से नौ गाड़ियों की सूची भेजकर उनकी खरीद-बिक्री पर रोक लगाने का निर्देश मिला है। अब यह गाड़ियां किसकी है इसके बारे में मुझे नहीं पता है। अब आगे जैसा निर्देश होगा उस हिसाब से कार्रवाई होगी। एसएचओ शाहपुर सुधीर सिंह ने कहा कि आरटीओ से सुधीर सिंह पुत्र स्वर्गीय सुरेन्द्र सिंह के नाम दर्ज गाड़ियों की सूची मांगी गई थी। यदि गाड़ियों की तैयार सूची सुधीर सिंह की नहीं हैं और वह सुधीर कुमार सिंह की है तो वह अपना पक्ष रखें। उनकी बात में सच्चाई होगी तो प्रशासन से उनको राहत मिलेगी। इसमें पुलिस का कोई रोल नहीं है। हिन्दुस्थान समाचार/आमोद/दीपक-hindusthansamachar.in