सड़कों पर छुट्टा मवेशी घूमते पाये जाने पर बीडीओ के खिलाफ होगी कार्यवाही - डीएम
सड़कों पर छुट्टा मवेशी घूमते पाये जाने पर बीडीओ के खिलाफ होगी कार्यवाही - डीएम
उत्तर-प्रदेश

सड़कों पर छुट्टा मवेशी घूमते पाये जाने पर बीडीओ के खिलाफ होगी कार्यवाही - डीएम

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- कोरोना संक्रमण काल में सम्पूर्ण समाधान दिवस में सामाजिक दूरी के बीच डीएम ने जनता की सुनी समस्यायें - मवेशियों को छुट्टा छोडऩे वाले पशुपालकों के खिलाफ भी पशु क्रूरता अधिनियम में होगी कार्यवाही हमीरपुर, 15 सितम्बर (हि.स.)। कोरोना संक्रमण के चलते जनपद में छह महीने बाद मंगलवार को आयोजित जिलास्तरीय सम्पूर्ण समाधान दिवस में सामाजिक दूरी के बीच जिलाधिकारी ने 44 फरियादियों की शिकायतें सुनते हुये कार्यवाही करने के निर्देश दिये। आठ शिकायतों का तो मौके पर ही समाधान कराया गया। फरियादियों को सम्पूर्ण समाधान दिवस में इन्ट्री करने से पहले थर्मल स्क्रीनिंग व आक्सीमीटर से जांच भी करानी पड़ी। हमीरपुर स्थित तहसील सभागार में कोरोना संक्रमण काल में आयोजित पहले सम्पूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी (डीएम) ज्ञानेश्वर त्रिपाठी ने अधिकारियों से कहा कि कोविड-19 के मद्देनजर पूरी सावधानी और सुरक्षा उपकरणों के साथ ही जनता की समस्यायें सुनकर निस्तारित करे। उन्होंने कड़ी हिदायत देते कहा कि सड़कों पर किसी भी दशा में छुट्टा मवेशियों को घूमते पाया गया तो सम्बन्धित खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) की भूमिका तय करते हुये उन्हें दंडित किया जायेगा। जिलाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा कि ऐसे पशुपालक जो अपने मवेशियों को खूंटे में न बांधकर छुट्टा छोड़ देते है उन्हें चिन्हित कर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कार्यवाही की जाये। उन्होंने जनसमस्याओं को सुनने के बाद उनके निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया तथा कहा कि सम्पूर्ण समाधान दिवस, आईजीआरएस पोर्टल, मुख्यमंत्री संदर्भ, 1076 के संदर्भ तथा जनप्रतिनिधियों से प्राप्त शिकायतों का निष्पक्षता पूर्वक समयबद्ध ढंग से गुणवत्तापूर्ण निस्तारण एक सप्ताह में कर दिया जाए। यदि किसी कारणवश एक सप्ताह में निस्तारण ना हो पाए तो उसकी अंतरिम आख्या अवश्य प्रस्तुत कर दी जाए। विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का ससमय व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सभी अधिकारियों द्वारा शासन की मंशानुरूप कार्य किया जाए। शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान दिया जाए ताकि शिकायतकर्ता को बार-बार परेशान ना होना पड़े। कहा कि जिस स्तर की शिकायत है उसका उसी स्तर पर निस्तारण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्राप्त होने वाली शिकायत पर सभी संबंधित अधिकारियों द्वारा शिकायत की प्रकृति को देखते हुए टिप्पणी व अपना अभिमत अंकित करते हुए शिकायतकर्ता को निस्तारण की समय अवधि सहित अन्य जरूरी बातों के बारे में बताया जाए ताकि शिकायतकर्ता को तत्काल शिकायत के निस्तारण में लगने वाले समय व उसकी समस्या के समाधान संबंधी आवश्यक जानकारी तत्काल मिल सके। उन्होंने कहा कि जमीन से संबंधित शिकायत पर पुलिस व राजस्व विभाग की संयुक्त टीम मौके पर जाकर उसका निस्तारण करे। जिलाधिकारी ने सभी जिलास्तरीय अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आईजीआरएस सहित विभिन्न माध्यमों से प्राप्त होने वाली शिकायतों का सभी अधिकारियों द्वारा निष्पक्षता से समयबद्ध ढंग से गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाय। कोई भी शिकायत डिफाल्टर श्रेणी में ना आने पाए। डिफाल्टर श्रेणी में शिकायत पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उपजिलाधिकारी सदर, सीएमओ तथा अन्य संबंधित विभागों के जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। हिन्दुस्थान समाचार/पंकज/मोहित-hindusthansamachar.in